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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:27 · नई दिल्ली संस्करण

वट का लाल फल खाने से हो रही पक्षियों की मौत, विष दिए जाने के संदेह ने बढ़ाया आक्रोश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वट का लाल फल खाने से हो रही पक्षियों की मौत, विष दिए जाने के संदेह ने बढ़ाया आक्रोश

मेदिनीपुर। बेलदांर थाना क्षेत्र के हेमचंद्र पंचायत के अम्बीडांगर गांव में एक विशाल बट के पेड़ पर लाल फलों को खाने आए अनेक प्रवासी पक्षी अचानक मृत पाए गए, जिसके बाद पूरे इलाके में रोष फैल गया।बट के लाल फलों को खाने के तुरंत बाद हिरियल, बसंतबौरी, सातभैया, शालिक, कौआ सहित कई प्रजातियों के पक्षी पेड़ के नीचे मृत मिले। यहां तक कि बक और सारस जैसे बड़े पक्षी भी इस घटना का शिकार हुए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पेड़ के फलों में कीटनाशक या विष मिलाकर मौत का जाल बिछाया।सूचना मिलते ही सोमवार दोपहर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने सोमवार शाम से माइक के माध्यम से जागरूकता संदेश जारी कर दिया और पक्षियों को मारने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान बताने वाले फ्लेक्स लगवाए।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कुछ ग्रामीणों का संदेह है कि किसी ने छोटे स्प्रे उपकरण से पेड़ पर कीटनाशक छिड़का होगा या पेड़ की शाखाओं पर विष मिले मछली के टुकड़े रखे होंगे, जिससे पक्षियों की मौत हुई।वन विभाग ने मृत हिरियल व बसंतबौरी के कई शव बरामद किए, सोमवार शाम में भी पेड़ के नीचे कई मृत पक्षी मिले। स्थानीय वन्यजीव संरक्षण संगठन के सदस्य संदीप दास ने विभाग को सूचना दी, जिसके बाद लगातार बचाव और जांच की कार्रवाई जारी है। विभाग ने पुष्टि की है कि मृत्यु का कारण स्पष्ट करने के लिए पक्षियों का मर्ग परीक्षण कराया जाएगा।सोमवार दोपहर से ही दमकल विभाग की मदद से बट के पेड़ को अच्छी तरह धोया गया। पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच ने भी क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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