मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:17 · नई दिल्ली संस्करण

बरेली शरीफ़: आला हज़रत खानदान का आरोप – “मुसलमानों को दी जा रही है सामूहिक सज़ा”

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बरेली शरीफ़: आला हज़रत खानदान का आरोप – “मुसलमानों को दी जा रही है सामूहिक सज़ा”

बरेली। हालिया बवाल के बाद चल रही पुलिस कार्रवाई पर बरेली शरीफ़ स्थित ख़ानदान-ए-आला हज़रत ने मंगलवार रात को संयुक्त प्रेस बयान जारी कर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया कि बरेली के मुसलमानों को मुसलमान होने की वजह से “कलेक्टिव पनिशमेंट” यानी सामूहिक सज़ा दी जा रही है। पुलिस बेगुनाहों को तमंचा, पेट्रोल बम और तेज़ाब की बोतल से हमले का झूठा इल्ज़ाम लगाकर गिरफ्तार कर रही है।खानदान की ओर से जारी बयान में इंदिरा मार्केट के पास वायरल हुए वीडियो का हवाला दिया गया, जिसमें एक इमारत की छत से कुछ अराजक तत्व पुलिस और मुसलमानों दोनों पर पथराव करते दिखाई दे रहे हैं। बयान में आरोप है कि यह माहौल बिगाड़ने की साज़िश थी, मगर पुलिस इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।संयुक्त बयान में कहा गया कि लगातार बेगुनाह मुसलमानों को गिरफ्तार कर थानों में बुरी तरह पीटा जा रहा है। कई गिरफ्तार युवकों को चोटिल हालत में मीडिया के सामने परेड कराई जा रही है, जबकि उन्हें खाने-पीने तक को नहीं दिया जा रहा। आरोप है कि पुलिस ने शहर भर में मुस्लिम परिवारों के घरों पर बुलडोज़र खड़े कर दिए हैं और अवैध तोड़फोड़ की जा रही है। दबिश के दौरान महिलाओं और बच्चों तक से मारपीट का आरोप लगाया गया।खानदान ने कहा कि मस्जिदों में दबिश देकर इमामों और मुअज़्ज़िनों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसके चलते कई जगह नमाज़ तक नहीं हो पा रही है। इसे संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया गया।बयान में चेतावनी दी गई कि अगर बेगुनाहों की गिरफ्तारी, झूठे मुकदमे और बुलडोज़र कार्रवाई फौरन नहीं रोकी गई तो खानदान-ए-आला हज़रत ठोस फैसला लेने को मजबूर होगा। बयान पर ख़ानदान-ए-आला हज़रत के कई सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं और कहा है कि पुलिस की ज्यादतियों से न केवल बरेली शरीफ़ बल्कि मुल्क और दुनिया भर के सुन्नी मुसलमानों में गहरी बेचैनी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें