मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:26 · नई दिल्ली संस्करण

भारत को स्वाधीन कराने वाले साधक थे आजाद : पवन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
भारत को स्वाधीन कराने वाले साधक थे आजाद : पवन

देवरिया। अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत्र चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा देवरिया द्वारा मेडिकल कालेज गेट स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण-पुष्पांजलि कर उनको नमन किया।इस अवसर पर उपस्थित किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने कहा कि अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद से अंग्रेजी हुकूमत थर-थर कांपती थी, चंद्रशेखर आजाद ने वर्ष 1921 में 15 वर्ष की उम्र में असहयोग आंदोलन करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गए और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए तो अपना नाम ‘आजाद’ बताया, पिता का नाम ‘स्वाधीन’ और घर ‘जेल.’मजिस्ट्रेट ने पूछा कि करते क्या हो, तो जवाब दिया- ‘भारतमाता को स्वाधीन कराने की साधना.’ इस पर मजिस्ट्रेट ने उन्हें 15 बेंत लगाने की सजा सुनायी, तो हर बेंत पर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाये और मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि दुश्मन की गोलियों का सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के नायक चंद्रशेखर आजाद भारत माता को स्वाधीन कराने वाले साधक थे।पूर्व मीडिया प्रभारी अम्बिकेश पाण्डेय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का बलिदान भारतवासी युगों-युगों तक याद रखेंगे। देश के लिये उन्होंने अपना बचपन तक कुर्बान कर दिया। चंद्रशेखर आजाद जैसे महान व्यक्ति युगों में एक बार ही पैदा होते है।इस अवसर पर शैलेन्द्र सिंह आजाद, अरुण मिश्र, डॉ विनोद पाण्डेय, विजय कुशवाहा, राजन धर द्विवेदी, वीरेंद्र पाठक, अशोक उपस्थित रहे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें