मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

हाथरस मौत मामले में बड़ों को बचाने की हो रही कोशिश : माले

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

लखनऊ,। भाकपा (माले) ने कहा है कि हाथरस में भगदड़ से हुई 121

मौतों के मामले में जिम्मेदार बड़ों को बचाने की कोशिश हो रही है। दिखाने के

लिए गिरफ्तारियां भी जारी हैं, मगर अभी तक न तो बाबा, न ही प्रशासन के

जिम्मेदार किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई या गिरफ्तारी हुई है।

पार्टी

के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि हाथरस जिला

प्रशासन जो खुद जांच की जद में है, मामले पर लीपापोती की कोशिश में लगा है।

जांच को गलत दिशा में ले जाने और भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ताकि

असल गुनहगार बचाये जा सकें।

उन्होंने कहा कि जिला पुलिस प्रमुख

बयान दे रहे हैं कि आयोजन के पीछे कुछ सियासी दलों का हाथ हो सकता है। जबकि

मूल मसला शासन-प्रशासन की लापरवाही और विफलता का है, जिसकी वजह से इतनी

मौतें हुईं। लाखों लोगों की उपस्थिति वाले कार्यक्रम की अधिकारियों ने

जानबूझकर अनदेखी की। न तो भीड़ प्रबंधन के उपाय किये गए, न ही एम्बुलेंस,

डॉक्टर व इलाज का प्रबंध किया गया। अगर मुस्तैदी दिखाई गई होती, तो कई

जानें बचाई जा सकती थीं।

माले राज्य सचिव ने कहा

कि बाबा का एफआईआर में नाम तक नहीं है। उन्हें संरक्षण कहां से मिल रहा है?

मुख्य सचिव, डीजीपी और यहां तक कि मुख्यमंत्री का भी दौरा हो चुका है,

लेकिन एसपी-डीएम का बाल तक बांका नहीं हुआ, जिनकी जवाबदेही पहले बनती है।

नाममात्र का मुआवजा देकर और भगदड़ के पीछे षड्यंत्र की बात कर सरकार मृतकों

के परिवारों के शोक व गुस्से को शांत और खुद की विफलता पर पर्दा डालने की

जुगत में है। माले नेता ने उम्मीद जताई कि घटना की जांच के लिए बना न्यायिक

आयोग उपरोक्त का संज्ञान लेगा, मृतकों को न्याय दिलाएगा और सही निष्कर्ष

निकालेगा, जिससे भविष्य में पुनरावृत्ति न हो।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें