Big Boss 20: पहले मूंछ वाले बयान पर घिरे, अब आस्था पर अड़े आसिफ खान, बिग बॉस में जानामाज के लिए रख दी शर्त

बिग बॉस 20 के घर में जहां हर कंटेस्टेंट लग्जरी, फैशन और कैमरे के लिए तैयारी करके आता है, वहीं पंचायत फेम एक्टर आसिफ खान अपनी आस्था के साथ अंदर गए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने शो में जाने से पहले मेकर्स के सामने एक ही शर्त रखी थी - वह अपनी जानामाज साथ लेकर जाएंगे। आसिफ ने साफ कहा, अगर मेकर्स उन्हें जानामाज ले जाने से मना कर देते, तो वे बिग बॉस में नहीं जाते। दरअसल, बिग बॉस के घर में किसी भी तरह की धार्मिक वस्तु, किताब या पूजा-पाठ का सामान ले जाने की अनुमति नहीं होती।
लेकिन आसिफ अपने धार्मिक विश्वास को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते थे। आसिफ ने कहा, "नमाज मेरे लिए मेडिटेशन है।" उन्होंने बताया, "मेरी जिंदगी में बुरी से बुरी परिस्थिति आ जाएगी ना तो भी मेरा कोई मेंटल पीस खराब नहीं कर सकता। मैंने शो के मेकर्स को पहले ही बता दिया था कि मैं जानामाज लेकर जाऊंगा ही जाऊंगा। अगर मुझे जानामाज लेकर जाने नहीं देते तो मैं शो के लिए मना कर देता कि मैं शो में जाऊंगा ही नहीं।" आसिफ ने आगे समझाया कि हर इंसान का सुकून पाने का अपना तरीका होता है। कोई योगा करता है, कोई ध्यान लगाता है, कोई राम जप करता है। वैसे ही उनके लिए नमाज है।"मेरे लिए ये मेडिटेशन है।
हर इंसान के लिए कुछ ना कुछ होता ही है... इसी तरीके से मेरा नमाज है जो मुझे चाहिए, 10-20 मिनट मुझे चाहिए होते हैं, उस वक्त पर कुछ भी मेरे दिमागी तौर पर चल रहा होता है तो मैं ठीक हो जाता हूं।" आसिफ की इस जिद के बाद आखिरकार शो के मेकर्स ने उनकी आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें जानामाज घर के अंदर ले जाने की मंजूरी दे दी। अब वे रोज घर के अंदर ही अपनी नमाज अदा करते हैं। मिर्जापुर और पंचायत जैसी सुपरहिट वेब सीरीज से अपनी पहचान बनाने वाले आसिफ खान बिग बॉस 20 में नजर आ रहे हैं। पंचायत में उन्होंने अकड़ू दामाद का किरदार निभाया था, जो दर्शकों को खूब पसंद आया था। एक्टिंग में आने से पहले आसिफ ने सालों तक थिएटर किया है।
राजस्थान से निकलकर मुंबई तक का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। पंचायत ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।हालांकि बिग बॉस के घर में उन्हें शुरुआत में सबसे 'बदतमीज' कंटेस्टेंट का टैग भी मिल चुका है, और हाल ही में उनके 'मूंछ न रखने वाले मर्द नहीं होते' वाले बयान पर काफी विवाद भी हुआ है, जिस पर गौहर खान ने उन्हें आड़े हाथों लिया था। लेकिन जानामाज वाली बात से साफ है कि अपनी सोच और विवादों से अलग, आसिफ अपने धार्मिक विश्वास और मेंटल पीस को लेकर बेहद सख्त हैं। वे मानते हैं कि शो, गेम, लड़ाई-झगड़ा अपनी जगह है, लेकिन इबादत से समझौता नहीं हो सकता।
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