अर्नब गोस्वामी गिरफ्तार, गिरफ्तारी और तरीके का चौतरफा विरोध
मुंबई : रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के खिलाफ मुंबई पुलिस ने एक नया दांव खेला है। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार की तड़के सुबह कुछ पुलिस अधिकारी अचानक रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के आवास पर पहुंचे। आरोप है कि बिना किसी दस्तावेज के, उनके घर के अंदर घुसकर उनके साथ हाथापाई की। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया जो बंद हो चुका था और अपने साथ ले गई। अर्नव की इस गिरफ्तारी का चौतरफा हलकों में विरोध हो रहा है और महाराष्ट्र सरकार के साथ मुंबई पुलिस से तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं। अर्नब को अलीबाग पुलिस स्टेशन से स्थानीय कोर्ट ले जाया गया है। कोर्ट जाते समय अर्नब ने कहा कि, 'जीत जनता की होगी सत्य की होगी। जनता सब देख रही है। हमने जनता की आवाज को उठाने का काम किया है।' वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि, 'अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी एक मामले में की गई जिसमें कुछ साल पहले एक क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई थी। अगर पुलिस फिर से केस खोलती भी है तो भी गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है।' इधर , रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि वगैर समन या वारंट दिखाए हुए ही पुलिस ने अर्नब गोस्वामी के घर में प्रवेश कर उन्हें जबरन गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ पुलिस अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे और बिना किसी दस्तावेज के, उनके घर के अंदर घुसकर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया जो बंद हो चुका था और अपने साथ अलीबाग ले गई। अलीबाग पुलिस स्टेशन के बाहर की तस्वीरें भी जारी की गयी हैं जिनमें अर्नब गोस्वामी विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। पुलिस उन्हें कोर्ट लेकर जा रही है। जब अर्नब को पुलिस वैन में बिठाया जा रहा था, तब उन्होंने खिड़की से अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में बताया और जनता से उनके लिए आवाज उठाने की अपील की। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को भी करारा जवाब दिया।
अर्नब ने कहा कि ''उद्धव ठाकरे और परमबीर सिंह कुछ नहीं कर सकते। जनता सब देख रही है। मुझे बहुत मारा गया, मेरे साथ बहुत यातना की गई लेकिन जनता आवाज उठाएगी। जनता जीतेगी। उनसे मेरी अपील है कि आवाज उठाएं।''
अर्नब के वकील ने मीडिया को बताया कि ''उनके हाथ में पहले से चोट लगी हुई थी जिसका बैंड-एड पुलिस ने हटा दिया। उनकी गिरफ्तारी के बारे में उनकी पत्नी को सूचना नहीं दी गई थी लेकिन उनके अरेस्ट पंचनामा में लिखा है कि उन्हें बताया गया था। उन्हें बेल्ट से खींचा गया और उनकी पीठ पर मारा जिससे उन्हें चोट आई है। उन्होंने भारत के नागरिकों से इस मामले में उनका समर्थन करने की अपील की है।'' इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि कैसे पुलिस अर्नब को कॉलर से पकड़कर जबरदस्ती अपने साथ ले जा रही है। अर्नब के साथ मारपीट भी की गई। जब अर्नब ने कहा कि उन्हें अपने वकील से बात करनी है तो उनकी एक ना सुनी गई। साथ ही एक पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि 'अगर वह उनके साथ सहयोग नहीं करते हैं तो उनके लिए ही मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।' अर्नब को धमकाया गया।
साथ ही अर्नब की पत्नी और सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर सम्यब्रता रे गोस्वामी को भी किसी कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। उनके बेटे के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। जब अर्नब ने पूछा कि किन आरोपों के तहत उन्हें ले जाया जा रहा है तो पुलिस ने कहा कि उन्होंने लिखित में दे दिया जाएगा। अर्नब कहते रहे कि उनकी तबियत ठीक नहीं है और उन्हें दवा चाहिए लेकिन उन्हें दवा नहीं लेने दी गई और उन्हें जबरदस्ती अपने साथ ले गई।
अर्नब की गिरफ्तारी पर बोले सीएम योगी- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने का कार्य कर रही है कांग्रेस
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र सरकार और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। सीएम योगी ने कहा कि, आज बहुत बड़े पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। योगी ने कहा कि, 'कांग्रेस तो लोकतंत्र का गला घोंटती है। 1975 में इसने देश में इमरजेंसी थोपी थी और आज भी आपने देखा होगा देश के एक बहुत बड़े पत्रकार को केवल अपने स्वयं के तुष्टि के लिए गिरफ्तार करके लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने का कार्य कांग्रेस कर रही है। कांग्रेस अपनी नाकामी को छिपाने के लिए देश के अंदर अराजकता पैदा करने का कार्य कर रही है। देश में अराजकता पैदा करने की छूट हमें किसी को नहीं देनी चाहिए।'
बॉक्स -------यह आपातकाल की याद दिलाता है-अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने अर्नब गोस्वामी पर मुंबई पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा की और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली एमवीए सरकार को 'राज्य सत्ता के दुरुपयोग' के लिए लताड़ लगाई। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया। रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की सत्ता का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यह आपातकाल की याद दिलाता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उद्धव सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी के साथ किया गया व्यवहार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने और विरोध के स्वर का दमन करने की अधिनायकवादी प्रवृत्ति का प्रतीक है। कांग्रेस को आपातकाल समेत अनेक उदाहरणों का ध्यान करना चाहिए कि प्रेस का दमन करने वाली सरकारों का हश्र बुरा हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए कहा कि, 'प्रत्येक व्यक्ति जो एक स्वतंत्र प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करता है वो महाराष्ट्र सरकार द्वारा अर्नब गोस्वामी के साथ किए जा रहे उत्पीड़न से उग्र है। यह सोनिया और राहुल गांधी द्वारा निर्देशित उन लोगों को चुप कराने का एक और उदाहरण है जो उनसे असहमत हैं। शर्मनाक!' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, 'भारत ने आपातकाल के लिए इंदिरा गांधी को माफ नहीं किया। भारत ने कभी भी प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करने के लिए राजीव गांधी को माफ नहीं किया। और अब एक बार फिर से राज्य की शक्ति का दुरुपयोग करके पत्रकारों पर हमला करने के लिए सोनिया-राहुल गांधी को देश माफ नहीं करेगा।' रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में मीडिया की स्वतंत्रता पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। ये फासीवादी कदम अघोषित आपातकाल का संकेत है। अर्नब गोस्वामी पर हमला सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। हम सभी को भारत के लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र में ''प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है'' और इससे ''आपातकाल के दिनों'' की याद आती है। जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ''महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की हम निंदा करते हैं। प्रेस के साथ पेश आने का यह तरीका नहीं है। इससे आपातकाल के दिनों की याद आती है, जब प्रेस के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता था।'' विधि मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, ''वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर तौर पर निंदनीय, अनुचित और चिंताजनक है। हमने 1975 में बेरहम आपातकाल का विरोध करते हुए प्रेस की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।''





