सेना दिवस पर याद किये गए मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जांबाज
वार्षिक सेना दिवस परेड मध्य कमान क्षेत्र के लखनऊ में हुई
- सैनिकों की देशभक्ति सभी नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत बनी
नई
दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर
द्रौपदी मुर्मू से लेकर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, सैन्य बलों के प्रमुख
और तीनों सेना प्रमुखों ने सेना दिवस पर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की
आहुति देने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि दी है। पारंपरिक रूप से दिल्ली
में होने वाली वार्षिक सेना दिवस परेड को भारत के अलग-अलग शहरों में आयोजित
करने के फैसले के मद्देनजर सोमवार को 76 वें सेना दिवस की परेड मध्य कमान
क्षेत्र के लखनऊ में हुई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने
संदेश में कहा, “सेना दिवस पर सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके
परिवारों को शुभकामनाएं! भारतीय सेना में अनुकरणीय बहादुरी की एक लंबी
परंपरा है, जो अत्यंत समर्पण के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करती है। उनकी
देशभक्ति सभी नागरिकों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है। संघर्ष
के साथ-साथ शांति की स्थितियों में भी हमारे बहादुर सैनिक हर संभव तरीके
से देश की सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं। आज कृतज्ञ राष्ट्र मातृभूमि के
लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देता है और भारतीय
सेना के जज्बे को सलाम करता है।”
सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस)
जनरल अनिल चौहान ने सेना दिवस पर भारतीय सेना के सभी रैंकों, दिग्गजों, वीर
नारियों और परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “हम उन बहादुरों को
श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने कर्तव्य की पंक्ति में अपने जीवन का
बलिदान दिया और उनके अदम्य साहस और वीरता को सलाम किया। कामना करता हूं कि
भारतीय सेना हमारी मातृभूमि को और अधिक सफलता और गौरव दिलाती रहे और
राष्ट्र निर्माण में अथक योगदान दे। हम अपने सशस्त्र बलों की विरासत,
सम्मान, वीरता और कर्तव्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर आधारित विरासत पर
विचार करें। मुझे विश्वास है कि भारतीय सेना लगातार सशक्त होती जाएगी और
राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करती रहेगी।”
रक्षा मंत्री राजनाथ
सिंह ने अपने संदेश में भारतीय सेना के सभी रैंकों, दिग्गजों और उनके
परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “राष्ट्र की
सेवा में सेना के निस्वार्थ योगदान की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। आज,
हम अपने बहादुर बहादुरों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं
और उनके परिवारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, जिन्होंने
साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपने प्रियजनों के नुकसान को सहन किया है।
हमारे सशस्त्र बलों के सबसे बड़े घटक के रूप में भारतीय सेना राष्ट्रीय
सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। सरकार भारतीय सेना के
आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय सेना लगातार
मजबूत होती जाएगी और देश को गौरवान्वित करती रहेगी।”
थलसेना प्रमुख
जनरल मनोज पांडे ने कहा, “स्थिर और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में
भारतीय सेना को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है, ताकि देश की प्रगति निरंतर
जारी रहे। इसके प्रति हमारा संकल्प मजबूत रहना चाहिए और हर दिन मजबूत होना
चाहिए। मैं 'ऑलिव ग्रीन' बिरादरी के प्रत्येक सदस्य से राष्ट्र के प्रति
सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता जारी रखने का आग्रह
करता हूं। युद्ध का चरित्र बदलता रहता है। भविष्य के लिए खुद को तैयार
करने के लिए, हमने पिछले साल एक समग्र परिवर्तन प्रक्रिया शुरू की थी। हमने
अच्छी प्रगति की है और कई उपलब्धियां हासिल की हैं।”
उन्होंने कहा,
“भारतीय सेना वर्ष 2024 को ‘प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष’ के रूप में मनाएगी।
सेना के दिग्गजों, वीर नारियों और उनके परिवारों के प्रति हमारी
जिम्मेदारी एक पवित्र प्रतिबद्धता बनी हुई है। कल्याणकारी पहलों को बढ़ाने,
सक्रिय रूप से उन तक पहुंचने और उनकी शिकायतों का समाधान करने के प्रयासों
को सभी स्तरों पर कमांडरों के लिए फोकस क्षेत्र रहना चाहिए। भारतीय सेना
को राष्ट्रीय मानस पटल पर एक विशिष्ट कद प्राप्त है। मैं इस बात को लेकर
आश्वस्त हूं कि राष्ट्र ने हम पर जो भरोसा जताया है, उसे बरकरार रखने के
अपने संकल्प पर हम हमेशा दृढ़ रहेंगे। आइए हम ‘नाम’, ‘नमक’ और ‘निशान’ के
अपने मूल लोकाचार की सच्ची भावना के साथ राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को फिर
से समर्पित करें।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में
कहा, “भारतीय सेना के वीर साथियों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को
सेना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बल के वीर एवं वीरांगनाओं के
अदम्य साहस, सेवा एवं समर्पण पर राष्ट्र को गर्व है। चाहे बाहरी खतरों एवं
आंतरिक चुनौतियों से दृढ़ता से निपटना हो या फिर आपदा के समय मदद का हाथ
बढ़ाना हो, सेना के जांबाजों ने अपनी हर भूमिका में प्रभावित किया है।
भारतीय सेना ने एक संगठन सील एवं अनुशासनप्रिय बल के रूप में विश्व में
विशिष्ट पहचान बनाई है।भारतीय सेना बदलते युग की चुनौतियों के अनुरूप खुद
को ढालने को लेकर सजग है और आज देश भी सभी सुविधाओं एवं संसाधनों समेत अपने
सैन्य वीरों के साथ खड़ा है।”
उन्होंने कहा, “सेना दिवस के अवसर पर
उन सभी वीर शहीदों को राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं,
जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया। हमारे
इन जांबाज साथियों एवं इनके परिवारों के त्याग एवं तपस्या को देश नमन करता
है। अमृत कालखंड में एक भव्य और विकसित भारत के निर्माण की ओर राष्ट्र
तेजी से अग्रसर है। भारतीय सेना के वीर साथी देश को सुरक्षा एवं स्थिरता
प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण के संकल्प में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका
निभा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि सामूहिकता की शक्ति से उर्जित राष्ट्र
प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा। बल के शूरवीर अपनी सेवा, निष्ठा एवं
समर्पण से मां भारती का गौरव इसी तरह बढ़ाते रहेंगे, इसी विश्वास के साथ एक
बार फिर से सेना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
सेना दिवस पर वायु
सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा, “भारतीय वायुसेना के सभी
कर्मी भारतीय सेना में हमारे साथी योद्धाओं की अदम्य भावना, बहादुरी और
अटूट प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हम सब मिलकर अपने राष्ट्र की सेवा में
एकजुट हैं।”
रक्षा सचिव गिरिधर अरामने ने कहा, “आज 76वें सेना दिवस
पर सभी सेना कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक
शुभकामनाएं। हमारे देश की रक्षा करने वाले हमारे बहादुर सैनिकों की अदम्य
भावना, साहस, समर्पण और बलिदान को सलाम।”
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर
हरि कुमार ने कहा, “भारतीय नौसेना के सभी कार्मिकों की ओर से भारतीय सेना
के बहादुर योद्धाओं को हार्दिक बधाई। हम उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त
करते हैं, जिनकी वीरता, दृढ़ संकल्प और बलिदान हर भारतीय के दिलों में
हमेशा जीवित रहेंगे।”





