ब्राउन शुगर बरामदगी मामले में नेपाली नागरिक को सात साल की सश्रम कारावास की सजा

अररिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने ब्राउन शुगर बरामदगी के मामले में नेपाली नागरिक को सात साल सश्रम कारावास के साथ एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।साथ ही जुर्माने की रकम अदा नहीं करने पर दोषी करार अभियुक्त की छह महीने तक की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया।न्यायालय ने आरोपित को विशेष एनडीपीएस वाद संख्या 43/2024 में सजा सुनाई,जो नरपतगंज (बसमतिया) थाना कांड संख्या 43/2024 से संबंधित हैं और इसके सूचक एसएसबी 56वीं बटालियन के शम्भू राम सेंवर हैं । आरोपी उक्त केस में 18 फरवरी 2024 से ही जेल में बंद है। न्यायालय ने आरोपी को एनडीपीएस की धारा 20(बी) के तहत सजा सुनाई ।सजा पाने वाला आरोपित नेपाल के सुनसरी जिला अंतर्गत इटहरी निवासी 26 वर्षीय सरोज श्रेष्ठ पिता - गोवर्धन श्रेष्ठ है।घटना 17 फरबरी 2024 की संध्या की है।जब नेपाल भारत पीलर संख्या 197/04 होकर एसएसबी गश्ती में थे तो एसएसबी ने शंका के आधार पर रुकने के लिए कहा तो ये भागने लगे । जिसे खदेड़कर पकड़ा गया और तलाशी के क्रम में भूरे रंग का पदार्थ मिला।जिसका वजन 12.50 ग्राम था और प्लास्टिक की पुड़िया का वजन 10 ग्राम मिला।सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए एलएडीसी के अधिवक्ता ने कम से कम सजा सुनाई जाने की गुहार लगाई, जबकि सरकार की ओर से एनडीपीएस के विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार मिश्रा ने विधि सम्मत सजा सुनाई जाने की दलीलें दी।दोनो ही पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी ने दोषी करार अभियुक्त की सजा मुक्करर किया।





