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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

हल्दिया अग्निकांड के बाद रसोई गैस संकट की आशंका, पाइपलाइन मरम्मत पर जोर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हल्दिया अग्निकांड के बाद रसोई गैस संकट की आशंका, पाइपलाइन मरम्मत पर जोर

पूर्व मेदिनीपुर। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में नाफ्था पाइपलाइन विस्फोट के बाद हुए भीषण अग्निकांड के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। जिला प्रशासन और तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की शीघ्र मरम्मत नहीं होने पर एलपीजी उत्पादन घट सकता है, जिससे बाजार में रसोई गैस का संकट उत्पन्न हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि 30 जून को हल्दिया के चिरंजीबपुर क्षेत्र में कारखाने की पाइपलाइन में भयाव आग लग गई थी। इस दुर्घटना में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की पाइपलाइनें, झोपड़ियां, पेड़-पौधे तथा पशु-पक्षी प्रभावित हुए थे।

हादसे में दो लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य घायल होकर उपचाराधीन हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा प्रारंभ कर दी है।

इसी क्रम में मंगलवार को हल्दिया भवन में पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी निरंजन कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में हल्दिया की उपमंडलाधिकारी सुरभि सिंगला, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स, एक्साइड सहित लगभग 38 औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। लगभग दो घंटे चली बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा, पाइपलाइन निगरानी और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के बाद देर शाम जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने बताया कि औद्योगिक संस्थानों को दो से तीन दिनों के भीतर अपने-अपने पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तृत नक्शा प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पाइपलाइनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा नियमित गश्त सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सुरक्षा की दृष्टि से पाइपलाइन के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड के कारणों की जांच जारी है और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच ईंधन गैस की उपलब्धता को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। इंडियन ऑयल के महाप्रबंधक (तकनीकी) अविकार पाल ने बताया कि आग के कारण एलपीजी गैस की पाइपलाइन को भारी क्षति पहुंची है।

यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो उत्पादन में कमी आएगी और उसके परिणामस्वरूप बाजार में एलपीजी की कमी हो सकती है। यदि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा हो जाता है तो 15 से 20 दिनों के भीतर स्थिति सामान्य होने की संभावना है। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की युद्धस्तर पर मरम्मत कर आपूर्ति व्यवस्था को जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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