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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:33 · नई दिल्ली संस्करण

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, डीएम-एसएसपी पेश नहीं हुए तो जारी होगा गैर जमानती वारंट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, डीएम-एसएसपी पेश नहीं हुए तो जारी होगा गैर जमानती वारंट

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली के एक घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने के मामले में सोमवार को अहम सुनवाई होने वाली है। इस मामले में बरेली के डीएम और एसएसपी को सोमवार को कोर्ट में पेश होना है।

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ तौर पर दोनों अधिकारियों को उपस्थित होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर 23 मार्च को वे पेश नहीं हुए, तो उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किया जाएगा।

दरअसल, यह मामला याची तारिक खान की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनके घर में सामूहिक नमाज़ पढ़ने के दौरान पुलिस ने रोकटोक की और बाद में नमाज अदा कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

याचिकाकर्ता तारिक खान का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी और असंवैधानिक थी।

हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद, याची और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण को अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए पुलिस के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को अदालत के आदेश का पालन करना अनिवार्य है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में बरेली के डीएम और एसएसपी को 23 मार्च को अदालत में पेश होने को कहा था।

यदि आज दोनों अधिकारी कोर्ट में नहीं पेश होते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट कर सकता है।

गौरतलब है कि बरेली में जुमे के दिन एक निजी मकान में मुस्लिम समुदाय के लोग इक्ट्ठा होकर नमाज अदा कर रहे थे। एक हिंदू संगठन ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर नमाजियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि किसी निजी जगह पर एकत्र होकर नमाज पढ़ने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।

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