मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:27 · नई दिल्ली संस्करण

पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने वाले आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने वाले आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पहलगाम हमले के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने के आरोपी को जमानत दे दी। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी फैजान को एटा जिले के जलेसर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। अपराध की प्रकृति और रिकॉर्ड में मौजूद चीजों को देखते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल-जज बेंच ने आरोपी फैजान को रिहा करने का आदेश दिया।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी फैजान के वकील एनआई जाफरी ने पक्ष रखा और बीएनएस के सेक्सन 152 का हवाला देते हुए कहा, "आरोपी ने भारत के लिए कोई अपमानजनक या बेइज्जती वाली बात पोस्ट नहीं की थी।

तर्क दिया गया कि सिर्फ किसी दुश्मन देश का समर्थन करना ही सेक्शन 152 बीएनएस के दायरे में नहीं आता है। यह मामला सेक्शन 196 बीएनएस के तहत आ सकता है, जिसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट कर सकता है और जिसमें अधिक से अधिक तीन से पांच साल की सजा हो सकती है।

हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी फैजान की जमानत याचिका का विरोध किया। पुलिस की दलीलों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी।

जस्टिस देशवाल ने निर्देश दिया कि आरोपी फैजान सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करेगा, जो देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के खिलाफ हो।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा। हाईकोर्ट ने यह भी शर्त रखी कि मुकदमे की कार्यवाही में सहयोग करेगा, और रिहाई के बाद किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

आदेश में साफ किया गया कि शर्तों का कोई भी उल्लंघन होने की स्थिति में जमानत रद्द की जा सकती है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें