मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:08 · नई दिल्ली संस्करण

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका ठुकराई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका ठुकराई

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राहत देते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके ‘इंडियन स्टेट से लड़ाई’ संबंधी बयान पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने हिंदू शक्ति दल की सिमरन गुप्ता द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि राहुल गांधी का बयान देशभर की जनभावनाओं को आहत करने वाला है और यह राष्ट्रविरोधी तथा देशद्रोह जैसी टिप्पणी है।

मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने पिछले साल जनवरी में नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान दिया था।

राहुल गांधी ने कहा था, “हम अब भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से भी लड़ रहे हैं।”

याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि देश को अस्थिर करने और भारतीय राज्य को विरोधी ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश है।

इससे पहले संभल की स्थानीय अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद दाखिल पुनरीक्षण याचिका भी खारिज हो गई थी, जिसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश की संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस संविधान और भारत की मूल भावना की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है।

राहुल गांधी के इस बयान पर उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

भाजपा नेताओं ने उन पर भारत की संप्रभुता और संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया था।

पूर्व भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा था कि राहुल गांधी का बयान कांग्रेस की असली सोच को उजागर करता है और यह राष्ट्र के खिलाफ वैचारिक लड़ाई को दर्शाता है।

इससे पहले असम के गुवाहाटी के पान बाजार थाने में भी राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 197(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके बयान से राज्य के खिलाफ असंतोष भड़काने और राष्ट्रीय एकता को खतरा पैदा करने की कोशिश की गई।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें