इंदौरः जिले के सभी 15 विश्राम गृह भवनों का अधिग्रहण, तीन सभागृह भी अधिग्रहित
विश्राम गृह भवनों में आदर्श आचरण संहिता का पालन करना अनिवार्य
इंदौर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन की घोषणा के
साथ ही आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों
और निर्वाचन कार्य में संलग्न कार्यकर्ताओं और व्यक्तियों की निर्वाचन
संबंधी गतिविधियां प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष
सिंह ने रविवार को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत जिले के सभी
विश्राम भवनों को अधिग्रहित करने के आदेश जारी किए हैं।
जारी
आदेश के अनुसार रेसीडेंसी कोठी, सर्किट हाउस, ओल्ड रेस्ट हाउस, केंद्रीय
लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस, सोयाबीन अनुसंधान केंद्र गेस्ट हाउस, मान
परियोजना गेस्ट हाउस, एनएचडीसी स्कीम नंबर 78 विश्राम भवन, वन मंडल गेस्ट
हाउस नवरतन बाग, मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के गेस्ट हाउस पोलो
ग्राउंड, एचआरडीसी गेस्ट हाउस देवी अहिल्या विश्व विद्यालय तथा भारतीय
स्टेट बैंक गेस्ट हाउस माणिक बाग रोड और जिले के सांवेर, देपालपुर, महू तथा
हातोद में स्थित विश्राम गृहों का अधिग्रहण किया गया है। इसके साथ ही 3
सभागृह जिनमें रविन्द्र नाट्य गृह, लता मंगेशकर आडिटोरियम तथा केन्द्रीय
लोक निर्माण विभाग का हॉलीडे होम्स शामिल है को भी अधिग्रहित किया गया है।
विश्राम
गृह भवनों के नियंत्रणकर्ता अधिकारी नियम और निर्देशों का पालन सुनिश्चित
करेंगे। उन्हें कहा गया है कि विश्राम गृहों का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों
के लिए नहीं किया जाएगा। विश्राम गृह परिसर में निर्वाचन की आदर्श आचरण
संहिता का पालन करवाना होगा। जिला दंडाधिकारी की अनुमति के बिना विश्रामगृह
किसी अन्य को आवंटित नहीं किया जाएगा। विश्रामगृह की विद्युत, पेयजल,
सफाई, आवश्यक फर्नीचर/क्रॉकरी और और खानसामा व स्टाफ संबंधी अन्य
व्यवस्थाएं नियंत्रक अधिकारी द्वारा परिसर में सुनिश्चित की जाएगी। जिला
दंडाधिकारी द्वारा प्रदत्त एवं समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन
करना अनिवार्य होगा। अनुविभागीय दंडाधिकारी संबंधित नियंत्रणकर्ता के
माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र के विश्राम गृहों पर आवश्यक व्यवस्था
सुनिश्चित करेंगे।





