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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:43 · नई दिल्ली संस्करण

चेतावनी के बाद भी नहीं माने अल्बनीज? नेतन्याहू ने क्यों कहा- ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री उकसा रहे हैं यहूदी विरोधी हिंसा

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
चेतावनी के बाद भी नहीं माने अल्बनीज? नेतन्याहू ने क्यों कहा- ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री उकसा रहे हैं यहूदी विरोधी हिंसा

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रविवार को बोंडी बीच पर हुई फायरिंग मामले में मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया है। घटना के चश्मदीदों ने फायरिंग के दौरान का खौफनाक मंजर बयां किया। इस सबके बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज पर निशाना साधा है।

नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम पर इस फायरिंग को भड़काने का आरोप लगाया। नेतन्याहू ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों के खिलाफ हो रही साजिशों को लेकर उन्होंने 4 महीने पहले अल्बनीज को एक चिट्ठी लिखी थी।

पीएम नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए लिखा, "लगभग 4 महीने पहले 17 अगस्त को मैंने पीएम अल्बनीज को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें मैंने उन्हें आगाह किया था कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीति ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

मैंने लिखा कि फिलिस्तीनी देश के लिए आपकी मांग यहूदी विरोधी आग में घी डालने का काम करती है। यह हमास के आतंक को इनाम देती है। यह उन लोगों को हिम्मत देती है जो ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों को धमकाते हैं और यहूदियों से नफरत को बढ़ावा देती है जो अब आपकी सड़कों पर घूम रही है।"

ऑस्ट्रेलियाई सरकार को घेरते हुए इजरायली पीएम ने कहा, "यहूदियों का विरोध एक कैंसर है।

यह तब फैलता है जब लीडर चुप रहते हैं। यह तब पीछे हटता है जब लीडर एक्शन लेते हैं। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप कमजोरी को एक्शन से और शांति को पक्के इरादे से बदलें। इसके बजाए, प्रधानमंत्री, आपने कमजोरी को कमजोरी से और तुष्टीकरण को और अधिक तुष्टीकरण से बदल दिया।"

इजरायली पीएम ने अल्बनीज पर यहूदियों के विरोध में चल रही गतिविधियों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "आपकी सरकार ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों के विरोध को फैलने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया। आपने अपने देश के अंदर बढ़ रहे कैंसर को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। आपने कोई एक्शन नहीं लिया। आपने बीमारी को फैलने दिया, और इसका नतीजा यह है कि आज हमने यहूदियों पर भयानक हमले देखे।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने एक बहादुर आदमी का एक्शन देखा, जो एक मुस्लिम बहादुर आदमी निकला और मैं उसे सलाम करता हूं, जिसने इन आतंकवादियों में से एक को बेगुनाह यहूदियों को मारने से रोका, लेकिन इसके लिए आपकी सरकार के एक्शन की जरूरत है, जो आप नहीं कर रहे हैं, और आपको करना ही होगा, क्योंकि इतिहास हिचकिचाहट और कमजोरी को माफ नहीं करेगा। यह एक्शन और ताकत का सम्मान करेगा।"

पीएम नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "इजरायल पश्चिम और दूसरी जगहों पर आपकी हर सरकार से यही उम्मीद करता है, क्योंकि बीमारी फैलती है और यह आपको भी खा जाएगी, लेकिन हम अभी अपने लोगों, अपनी सुरक्षा के बारे में चिंता कर रहे हैं, और हम चुप नहीं रहेंगे।

हम उनसे लड़ते हैं जो हमें खत्म करने की कोशिश करते हैं। वे सिर्फ हमें खत्म करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं; वे हम पर इसलिए हमला करते हैं क्योंकि वे पश्चिम पर हमला करते हैं।"

बीते दिन सीरिया में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। इसे लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा, "सीरिया में, कल दो अमेरिकन सैनिकों और एक अमेरिकन इंटरप्रेटर को भी मारा गया।

उन्हें इसलिए मारा गया क्योंकि वे हमारे कॉमन कल्चर को रिप्रेजेंट करते हैं। इस हमले के नतीजे में, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को टारगेट करते हैं, तो आप अपनी बाकी की छोटी, चिंता भरी जिंदगी यह जानते हुए बिताएंगे कि अमेरिका आपको ढूंढेगा, और बेरहमी से मार डालेगा। हम अमेरिका के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं भेजते हैं, और मैं कहना चाहता हूं कि हमारी नीति बिल्कुल वैसी ही नीति है।

इजरायली पीएम ने सख्त चेतावनी दी है कि दुनिया के किसी भी कोने में कोई अगर यहूदियों को चोट पहुंचाएगा, तो उसे बेरहमी से खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारी यही नीति है जो अमेरिका की है। हत्यारे अपनी अपनी बाकी की छोटी, चिंता भरी जिंदगी यह जानते हुए बिताएंगे कि इजरायल उनका शिकार करेगा, उन्हें ढूंढेगा और बेरहमी से खत्म कर देगा। हम चुपचाप बैठकर इन हत्यारों को हमें मारने नहीं देंगे।

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