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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

अखिलेश यादव बोले- सत्ता में आए तो 90 दिन में पूरी करेंगे 69 हजार शिक्षक भर्ती

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अखिलेश यादव बोले- सत्ता में आए तो 90 दिन में पूरी करेंगे 69 हजार शिक्षक भर्ती

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 90 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आते ही जातीय जनगणना कराई जाएगी।

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने ‘पीडीए ऑडिट’ नामक दस्तावेज जारी किया। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी की गई। सपा प्रमुख के अनुसार, 2019 की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए निर्धारित सीटों का पूरा लाभ अभ्यर्थियों को नहीं मिला।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत के बजाय बहुत कम प्रतिनिधित्व दिया गया, जबकि अनुसूचित जाति के आरक्षण में भी कटौती हुई।

अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षित वर्गों के हजारों पदों के साथ अन्याय हुआ और अनुसूचित जनजाति के कई पद खाली छोड़ दिए गए। सपा प्रमुख ने कहा कि अगर युवाओं और अभ्यर्थियों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए अदालतों का सहारा लेना पड़े तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “जो सरकार पक्षपाती होती है, वह न्याय नहीं दे सकती। आरक्षण सामाजिक न्याय और समान अवसर का माध्यम है।” उन्होंने कहा कि अगर बुलडोजर चलाना ही है तो उसका इस्तेमाल समाज में फैली गैर-बराबरी को खत्म करने और सभी को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें तेज हुई हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि ‘लेटरल एंट्री’ जैसी व्यवस्थाओं के जरिए पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी पर कृपा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में लंबे समय से असमानता रही है और बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय का रास्ता तैयार किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरक्षण की उस व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है, जिसके सहारे वंचित वर्ग आगे बढ़ रहे हैं। महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को अधिकार मिलने चाहिए। वहीं चुनावी रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अपनी राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे।

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी अखिलेश यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और सरकार आम लोगों को न तो कमाने दे रही है और न ही खर्च करने। उन्होंने कहा कि सिर्फ ‘ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ का नारा देने से आर्थिक हालात नहीं सुधरेंगे।

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