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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

प्रान्तभर में मनाई जायेगी अहिल्याबाई होलकर की जयंती

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

लखनऊ, । सामाजिक समरसता विभाग की ओर से अवध प्रान्त के सभी जिलों

में महारानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती मनाई जायेगी। इस अवसर पर राजधानी

लखनऊ में 31 मई को विश्व संवाद केन्द्र के अधीश सभागार में सायं 04 बजे एक

राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी में ‘सामाजिक समरसता

के आधार पर अहिल्याबाई होलकर का लोककल्याणकारी शासन’ विषय पर विद्वानों के

व्याख्यान होंगे।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में

इतिहास संकलन समिति के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री संजय श्रीहर्ष उपस्थित

रहेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त पीएन

द्विवेदी रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षत किंग जार्ज चिकित्सा

विश्वविद्यालय के माईक्रोबायलोजी विभाग की प्रोफेसर डा. शीतल वर्मा करेंगी।

अहिल्याबाई होलकर के त्रिशताब्दी समारोह पर वर्ष भर होंगे कार्यक्रम

पुण्यश्लोक

देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती के 300वें वर्ष पर वर्षभर विभिन्न

कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। समाज के विभिन्न वर्ग के बंधु-भगिनी एवं

विभिन्न संस्थाएं उनके जन्म जयंती पर अपने-अपने स्तर से कार्यक्रम आयोजित

करें इसका भी आग्रह किया जायेगा।

सामाजिक समरसता विभाग के

प्रान्त प्रमुख राजकिशोर ने विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ में प्रान्तीय

पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम के संबंध में बैठक की। बैठक में जिलास्तर पर

कार्यक्रम करने की भी योजना बनी है। उन्होंने बताया कि अहिल्या बाई होल्कर

भगवान शंकर के प्रतिनिधि के रूप में अपने शासन का संचालन करती थीं।

सामाजिक समरसता के आधार पर उनके शासन का संचालन होता था।

बद्रीनाथ

से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा

क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण करवाया। इन्हीं कार्यों के

कारण उन्हें ‘पुण्यश्लोक’ की उपाधि मिली।

बैठक में प्रान्तीय टोली

सदस्य, वीरेन्द्र ओझा, प्रदीप मिश्र एडवोकेट, राजीव, विनय कुमार,

ज्ञानेन्द्र एडवोकेट और एडवोकेट जय प्रकाश समेत लखनऊ विभाग व भाग के

पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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