त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद अब कौन बनेगा उत्तराखंड का अगला सीएम, रेस में सबसे आगे चल रहे हैं ये नाम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सीएम रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
देहरादून। एक ओर चार राज्यों और एक केंद्र शासित राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए सियासी सरगर्मी बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में भाजपा के अंदर मचे घमासान के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सीएम रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद से राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई है। सियासी अटकलों के बीच कुछ नाम चर्चा में हैं जो सीएम पद के दावेदारों के रेस में सबसे आगे हैं। अब से पहले सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत केंद्रीय मंत्री व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक रेस में सबसे आगे थे।
लेकिन अब मंगलवार को सीएम रावत के इस्तीफे के बाद से अचानक पुष्पकर धामी और राज्य उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का नाम चर्चा में आ गया। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संकेत मिलने के बाद विशेषतौर से हेलीकॉप्टर भेजकर डॉ. धन सिंह रावत को देहरादून बुलाया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि संभतः डॉ. रावत उत्तराखंड के अगले सीएम हो सकते हैं।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह पर्यवेक्षक के तौर पर मंगलवार शाम तक राजधानी देहरादून पहुंच जाएंगे। इसके बाद बुधवार को भाजपा कार्यालय में प्रस्तावित विधानमंडल की बैठक होगी, जहां पर अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
डॉ. धन सिंह रावत पर लग सकती है मुहर
आपको बता दें कि उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर डॉ. धन सिंह रावत के नाम पर मुहर लग सकती है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत आरएसएस से जुड़े हुए हैं। पिछले कई सालों से वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर पकड़ बनाए हुए हैं राजनीति में साफ छवि के साथ सरल पहचान है। वे किसी भी विशेष समूह में शामिल नहीं हैं।
इसके अलावा, अपने उत्तराधिकारी के तौर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत डॉ. धन सिंह देखना चाहते हैं। डॉ. धन सिंह सीएम त्रिवेंद्र की पहली पसंद हैं। उन्होंने चार साल के कार्यकाल में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
डॉ. धन सिंह के अलावा, उत्तराखंड से सांसद अनिल बूलनी का नाम भी रेस में आगे है। बलून 2018 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। वे पिछले कई दशकों से भाजपा और आरएसएस में काफी सक्रिय रहे हैं। बलूनी के अलावा
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी इसे रेस में आगे हैं। सतपाल महाराज 2009 में काग्रेंस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद त्रिवेंद्र सरकर में सतपाल महाराज को कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया।





