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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद जेपी नड्डा बोले- 'धरना समाप्त करें'

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद जेपी नड्डा बोले- 'धरना समाप्त करें'

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। जेपी नड्डा ने इस मुलाकात की तस्वीर को शेयर करते हुए कहा कि हमारी बातचीत जारी है। मैंने धरने को समाप्त करने अनुरोध किया है।

जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई।

उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।

हालांकि, सीजेपी की तरफ से कहा गया है कि उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। जब तक ऐसा नहीं होता है, आंदोलन खत्म नहीं होगा।

मुलाकात के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग शामिल है।

उनका कहना था कि मंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बात करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है। जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी रुकेंगे नहीं।

सीजेपी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन 6 जून से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जिसमें शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए।

संगठन का दावा है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू किया, जो 20 जुलाई तक जारी है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियां और प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली।

संगठन ने आरोप लगाया कि नीट 2026 पेपर लीक के बाद उनके रिकॉर्ड के अनुसार 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की।

सीजेपी ने अपने ज्ञापन में सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं कि सोनम वांगचुक की रिहाई तथा उनके आवागमन पर किसी भी प्रकार की रोक न लगाई जाए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए या उन्हें पद से हटाया जाए। नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

इसके अलावा संगठन ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है।

सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

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