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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

हिरासत में मौत पर बंगाल में कार्रवाई, सुवेंदु ने परिजनों से की मुलाकात; 5 अधिकारी सस्पेंड

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
हिरासत में मौत पर बंगाल में कार्रवाई, सुवेंदु ने परिजनों से की मुलाकात; 5 अधिकारी सस्पेंड

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को उस तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात की, जिसकी उत्तर 24 परगना के हलिसहर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। वहीं, पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही स्वीकार की। सुवेंदु अधिकारी मौजूदा समय में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया गया और हालीशहर पुलिस स्टेशन के एसएचओ को पुलिस लाइन भेज दिया गया।

सीएम ने बताया कि अब इस पूरे मामले में नियमों के तहत मजिस्ट्रेट लेवल की जांच होगी क्योंकि यह पूरा मामला पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा है। उत्तर 24 परगना जिला मजिस्ट्रेट शिल्पा गौरिसारिया को पूरे जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकारी जांच से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यमंत्री और मृतक के परिजनों को दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों की आर्थिक स्थिति पर विचार करते हुए परिवार में से किसी एक व्यक्ति नौकरी देने का भी ऐलान किया है। यह नौकरी मुख्य रूप से गृह मंत्रालय के परिचायक के रूप में होगी।

हालांकि, अभी तक तृणमूल कार्यकर्ता के परिजनों की ओर से अभी तक नौकरी के संबंध में कोई आवेदन नहीं किया गया है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया है क्योंकि मृतक के दो बच्चे भी हैं।

नौकरी की बात करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, “मृतक की पत्नी को प्रति माह 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद उसे ग्रुप डी में नौकरी दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री अधिकारी ने मृतक के परिजनों के प्रति अपना आभार जताया और कहा कि आप लोगों ने टीएमसी का समर्थन होने के बावजूद भी हम पर भरोसा किया। इसके लिए आपका दिल से शुक्रिया।

उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से हम परिवार के प्रति अपना आभार जताते हैं। उन्होंने किसी को भी इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति करने का मौका नहीं दिया।

मृतक के दादा ने कहा, “हमें न्याय चाहिए।” उन्होंने सरकार और प्रशासन पर भरोसा किया और यह हमारे ऊपर बहुत बड़ा कर्ज है।

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मृतक की पत्नी ने लिखित में शिकायत दर्ज कराते हुए यह आरोप लगाया कि उनके पति के साथ शारीरिक बदसलूकी हुई। मृत्यु का कारण स्पष्ट हो जाएगा, जब शव परीक्षण रिपोर्ट सामने आएगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मामले में पुलिस की भूमिका की जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “टीएमसी कार्यकर्ता की मौत पुलिस हिरासत में हुई।

जब तक मुझे इस संबंध में रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक मैं यह नहीं कह सकता कि उसे किस तरह से पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया था। हमने इस मामले में कार्रवाई करते हुए हिलासपुर पुलिस स्टेशन को बंद कर दिया और जांच अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “डिप्टी मजिस्ट्रेट या एसडीओ सबसे पहले इस तरह के मामलों की अहमियत को समझने की कोशिश करते हैं। डिस्टिक मजिस्ट्रेट को इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में दोपहर में अधिसूचना जारी की जाएगी।”

गौरतलब है कि हालीशहर पुलिस ने कांचरापाड़ा नगर पालिका की तृणमूल कांग्रेस पार्षद के पति बिरजू केओट को जबरन वसूली समेत विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश भी किया गया था।

जज ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, शनिवार को पता चला कि बिरजू की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। जेनी ने आरोप लगाया कि लॉकअप के अंदर पुलिस द्वारा पिटाई के बाद उनके पति की मौत हुई।

रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जेनी के परिवार से मिलने कांचरापारा गईं। उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थीं। हालांकि, रास्ते में उन्हें विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।

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