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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

छात्र आंदोलनों के दुरुपयोग पर एबीवीपी का विरोध, पत्रकारों की सुरक्षा की उठाई मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
छात्र आंदोलनों के दुरुपयोग पर एबीवीपी का विरोध, पत्रकारों की सुरक्षा की उठाई मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दक्षिण बंगाल ने छात्र आंदोलनों के राजनीतिक दुरुपयोग तथा आंदोलन के दौरान पत्रकारों पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। परिषद ने कहा कि छात्रों की उचित मांगों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए उपयोग करना तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों के साथ मानसिक और शारीरिक दुर्व्यवहार करना चिंताजनक है।शनिवार जारी विज्ञप्ति में एबीवीपी ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र प्रकरण में केंद्र सरकार ने त्वरित और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्रवाई की है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम, जांच, प्रशासनिक सुधार तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए किए गए प्रयास सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। परिषद ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह की पहल का स्वागत किया।एबीवीपी के राज्य सचिव नीलकंठ भट्टाचार्य ने कहा कि छात्रों की उचित मांगों को लेकर होने वाला कोई भी आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और रचनात्मक होना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ वामपंथी संगठन छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक उपयोग कर समाज में विभाजन और राष्ट्रविरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं, जो चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पत्रकारों पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और समाचार माध्यमों की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। एबीवीपी का मानना है कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा का मार्ग हिंसा, भ्रम या राष्ट्रविरोधी प्रचार नहीं हो सकता। शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही, लोकतांत्रिक संवाद और संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही संभव है।

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