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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली में शराब ट्रांसपोर्ट परमिट प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई शुरुआत

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
दिल्ली में शराब ट्रांसपोर्ट परमिट प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई शुरुआत

दिल्ली में शराब ट्रांसपोर्ट परमिट प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई शुरुआत

आबकारी विभाग की नई प्रक्रिया 19 जुलाई से प्रभावी, कारोबारियों को अब करना होगा नियमों का पालन

नई दिल्ली, 20 जुलाई 2025 – दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने राजधानी में शराब के ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) से जुड़ी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 19 जुलाई से लागू हुए इस नए आदेश के तहत TP जारी करने से लेकर उसकी रिवैलिडेशन, अस्वीकृति, जुर्माना और रद्दीकरण तक की समस्त प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। विभाग का कहना है कि इससे न केवल परमिट प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।

क्या है नया आदेश?

18 जुलाई को जारी किए गए आदेश के अनुसार, अब L-6 (रिटेल वेंड), L-10 (अन्य खपत स्थल) और HCR (होटल-क्लब-रेस्तरां) लाइसेंसधारियों को अपने स्टॉक के लिए L-1, L-1F या L-2 लाइसेंसधारियों के पास नचेंज ऑर्डर भेजना अनिवार्य होगा। ऑर्डर मिलने के बाद L-1 और L-2 लाइसेंसधारियों को 2 कार्यदिवस और L-1F को 7 दिन के भीतर ऑर्डर की मंजूरी या अस्वीकृति देनी होगी। किसी भी अस्वीकृति की स्थिति में लिखित कारण देना अनिवार्य किया गया है।

स्टॉक डिलीवरी और TP की मान्यता

स्वीकृत ऑर्डर के बाद संबंधित लाइसेंसधारी को अगली रात 10 बजे तक स्टॉक की डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी। तय समयसीमा में स्टॉक न पहुंचाने की स्थिति में TP को "Expired Unexecuted (First Instance)" माना जाएगा। TP को e-Abkari पोर्टल पर तभी “Executed” माना जाएगा जब संबंधित स्टॉक की इनबॉन्डिंग और चालान की प्राप्ति हो जाए।

अपील और वैकल्पिक अधिकार

यदि कोई लाइसेंसधारी बांड इंस्पेक्टर के निर्णय से असहमत है, तो वह आबकारी अधिकारी (SO - Permit) के समक्ष अपील कर सकता है। साथ ही, हर महीने L-1, L-1F और L-2 लाइसेंसधारियों को अधिकतम 10 ट्रांसपोर्ट परमिट रद्द करने का अधिकार भी दिया गया है, बशर्ते उसका औचित्य उचित हो।

रिवैलिडेशन, जुर्माना और कार्रवाई

TP की वैधता समाप्त होने पर पहली बार उसे अगले दिन शाम 4 बजे तक बॉन्ड इंस्पेक्टर के लॉगिन में रिवैलिडेशन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी मंजूरी 10% एक्साइज ड्यूटी के अतिरिक्त भुगतान पर दी जाएगी। दूसरी बार भी यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी। लेकिन तीसरी बार वैधता समाप्त होने पर TP को रद्द कर दिया जाएगा और 15% का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही स्टॉक को Logical Inventory में वापस जोड़ दिया जाएगा।

ड्राई डे और वॉलेट बैलेंस की स्थिति में राहत

यदि किसी TP की रिवैलिडेशन प्रक्रिया ड्राई डे (Dry Day) पर आती है, तो उसकी वैधता स्वचालित रूप से उतने दिनों के लिए बढ़ा दी जाएगी। वहीं यदि वॉलेट बैलेंस की कमी या तकनीकी कारणों से TP जारी नहीं हो पाता, तो बांड इंस्पेक्टर को स्पष्ट कारणों के साथ आबकारी अधिकारी को सूचित करना होगा। यदि बांड अधिकारी की ओर से कार्रवाई में देरी या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके लिए दंडात्मक प्रावधान भी लागू किया गया है।

आयात और परिवहन परमिट की मौजूदा प्रक्रिया

राजधानी में प्रतिदिन औसतन 130 आयात परमिट और 3000 ट्रांसपोर्ट परमिट जारी किए जा रहे हैं। आयात परमिट L-1 लाइसेंसधारियों को उनके मांगपत्र के आधार पर दिए जाते हैं, जिन पर संबंधित वेयरहाउस निरीक्षक की अनुशंसा आवश्यक होती है। आयात शुल्क के रूप में ₹5 प्रति बल्क लीटर (₹140 से अधिक कीमत वाले ब्रांड पर) और ₹1.25 प्रति बल्क लीटर (सस्ते ब्रांड पर) की दर से शुल्क वसूला जाता है।

ट्रांसपोर्ट परमिट, L-1 द्वारा रिटेलर्स के ऑर्डर प्राप्त होने पर उसी दिन शाम तक जारी किए जाते हैं। इससे पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऑर्डर की गई मात्रा के अनुरूप पूरी एक्साइज ड्यूटी जमा हो चुकी हो। वर्तमान में दिल्ली में 60 L-1 लाइसेंसधारी अधिकृत हैं जो रिटेल वेंड्स को शराब या बीयर की आपूर्ति करते हैं।

आबकारी विभाग द्वारा लागू की गई यह नई प्रक्रिया राजधानी में शराब कारोबार से जुड़े सभी पक्षों के लिए एक संगठित, पारदर्शी और उत्तरदायी तंत्र तैयार करती है। विभाग को उम्मीद है कि इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी, लाइसेंसधारियों की शिकायतें कम होंगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा। यह आदेश शराब वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित बनाकर उसकी निगरानी और कार्यक्षमता दोनों को सशक्त बनाता है।

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