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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

अमेरिका में पिता बना हत्यारा: 8 मासूमों की ली जान, याद दिला दिया 'फैमिलिसाइड' का खौफनाक इतिहास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अमेरिका में पिता बना हत्यारा: 8 मासूमों की ली जान, याद दिला दिया 'फैमिलिसाइड' का खौफनाक इतिहास

नई दिल्ली अमेरिका के लुइसियाना राज्य के शरेवपोर्ट में 19 अप्रैल को जो हुआ, वह सोच से परे था। दिल दहला देने वाले मामले ने एक बार फिर उस दुर्लभ लेकिन भयावह अपराध की याद दिला दी, जिसे आपराधिक भाषा में "फैमिलिसाइड" कहा जाता है—यानी किसी व्यक्ति का अपने ही परिवार के कई सदस्यों की हत्या करना। इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत दुर्लभ होती हैं, लेकिन जब भी घटती हैं, समाज को झकझोर देती हैं।

शरेवपोर्ट मामले में जिस तरह एक पिता पर अपने ही बच्चों की हत्या का आरोप सामने आया है, उसने इतिहास के कुछ कुख्यात मामलों की याद ताज़ा कर दी है, जहाँ पारिवारिक रिश्ते हिंसा में बदल गए।

ऐसा ही एक शुरुआती और सबसे घातक मामला 1927 में अमेरिका के मिशिगन राज्य में सामने आया था, जब एंड्रयू किओहो ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद एक स्कूल में बम विस्फोट कर दिया था। इस हमले में 38 बच्चों सहित कुल 45 लोगों की मौत हुई थी।

यह घटना आज भी अमेरिका के सबसे घातक स्कूल हमलों में गिनी जाती है और इसे पारिवारिक हिंसा तथा सार्वजनिक नरसंहार दोनों का मिश्रित उदाहरण माना जाता है।

इसके बाद 1971 में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब जॉन लिस्ट ने न्यू जर्सी में अपनी पत्नी, मां और तीन बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। लिस्ट ने इस अपराध के पीछे आर्थिक तंगी और कथित धार्मिक कारणों को जिम्मेदार बताया।

वह लगभग 18 वर्षों तक फरार रहा और बाद में 1989 में गिरफ्तार किया गया।

हाल के वर्षों में, 2018 का क्रिस वॉट्स मामला भी दुनिया भर में चर्चा का विषय बना। कोलोराडो में रहने वाले वॉट्स ने अपनी गर्भवती पत्नी और दो छोटी बेटियों की हत्या कर दी थी। बाद में उसने अपराध स्वीकार किया और आजीवन कारावास की सजा पाई। इस मामले ने सोशल मीडिया युग में घरेलू हिंसा की जटिलता को भी उजागर किया।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन और अन्य शोध संस्थानों के अध्ययन बताते हैं कि फैमिलिसाइड अत्यंत दुर्लभ होते हुए भी अत्यधिक घातक श्रेणी के अपराध हैं, जिनमें अक्सर अपराधी पहले अपने परिवार को ही निशाना बनाता है, क्योंकि वहां उसे सबसे अधिक नियंत्रण या भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है।

शरेवपोर्ट की हालिया घटना भी इसी संदर्भ में जांच के दायरे में है, जहां पुलिस अभी सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

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