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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:12 · नई दिल्ली संस्करण

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से अब तक 63 लाख से अधिक नाम हटे, 20 लाख नाम अभी भी विचाराधीन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से अब तक 63 लाख से अधिक नाम हटे, 20 लाख नाम अभी भी विचाराधीन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटने का मामला सामने आया है। राज्य में लगभग 60 लाख विचाराधीन मतदाताओं में से रविवार रात तक 42 लाख मामलों का निपटारा कर लिया गया है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 18 लाख नाम सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 20 लाख मतदाताओं के नाम अभी भी विचाराधीन हैं।आयोग ने बताया है कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से पहले इन सभी मामलों का निपटारा कर लिया जाएगा। राज्य में पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि छह अप्रैल निर्धारित है।इसी बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की चौथी अतिरिक्त मतदाता सूची भी जारी कर दी है (अंतिम सूची सहित कुल पांच सूची)। इस अतिरिक्त सूची में लगभग दो लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विचाराधीन मतदाताओं में से कुल कितने नाम अंतिम रूप से हटाए गए हैं। आयोग के सूत्रों का कहना है कि विचाराधीन सूची के 40 से 45 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं।आयोग के आंकड़ों के अनुसार एसआईआर की प्रारूप और अंतिम सूची को मिलाकर अब तक कुल 63 लाख 66 हजार 952 मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। पहली अतिरिक्त सूची से ही करीब 12 लाख नाम हटे थे।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विचाराधीन मतदाताओं के मामलों का निपटारा न्यायाधीशों की निगरानी में किया जा रहा है। इस कार्य के लिए अन्य राज्यों से भी न्यायिक अधिकारियों को बुलाया गया है।28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची के समय 60 लाख 6 हजार 675 मतदाता विचाराधीन थे। इन मामलों के निपटारे के लिए कुल 705 न्यायाधीश लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार आयोग चरणबद्ध तरीके से संशोधित सूचियां जारी कर रहा है। इसी क्रम में 23 मार्च को पहली अतिरिक्त सूची जारी की गई थी, हालांकि उसमें कितने मामलों का निपटारा हुआ और कितने नए मतदाता जुड़े, इसकी जानकारी आयोग ने सार्वजनिक नहीं की।आंकड़ों के अनुसार एसआईआर शुरू होने से पहले राज्य में कुल सात करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 मतदाता थे। प्रारूप सूची में 58 लाख 20 हजार 899 नाम हटाए गए थे, जिसके बाद सूची में सात करोड़ आठ लाख 16 हजार 630 मतदाता बचे थे।इसके बाद 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में और 5 लाख 46 हजार 53 नाम हटाए गए। इस प्रकार 28 फरवरी तक कुल हटाए गए नामों की संख्या 63 लाख 66 हजार 952 हो गई।

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