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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

ग्रेटर नोएडा में 29 लाख की लूट का खुलासा, फर्जी अधिकारियों ने साजिश रचकर कंसल्टेंट को लूटा

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन
ग्रेटर नोएडा में 29 लाख की लूट का खुलासा, फर्जी अधिकारियों ने साजिश रचकर कंसल्टेंट को लूटा

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में जीएसटी कंसल्टेंट से 29 लाख रुपए की लूट के मामले का गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की पूरी रकम बरामद करने का दावा किया है। बरामदगी में 24 लाख 50 हजार रुपए नकद के अलावा करीब 4 लाख 50 हजार रुपए कीमत की सोने की चेन, चांदी का कड़ा और अंगूठी शामिल हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल दो कार, सात मोबाइल फोन, पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी भी बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर पीड़ित को फर्जी ई-वे बिल के सत्यापन के नाम पर ब्लैकमेल किया था। आरोपियों ने पीड़ित को जीएसटी से जुड़े मामले में जेल भेजने का डर दिखाया और उससे 29 लाख रुपए वसूल लिए। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया था।

सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पुलिस के अनुसार, घटना 20 जुलाई 2026 की है। जीएसटी कंसल्टेंट संदीप अपने आवासीय सोसायटी से अपने पालतू कुत्ते और लैपटॉप के साथ कार से निकले थे। इसी दौरान एस एस्पायर सोसायटी के पास आरोपियों ने अपनी कार पीड़ित की कार के आगे लगा दी।

इसके बाद आरोपियों में से एक ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताते हुए पीड़ित की कार में प्रवेश किया। आरोपियों ने पीड़ित को दो फर्मों और कंपनियों के नाम बताते हुए उनके ई-वे बिल के सत्यापन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद उसे कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

आरोपियों ने पीड़ित को उसकी ही कार में बैठाकर इधर-उधर घुमाया।

इस दौरान उसके पालतू कुत्ते को एक्सप्रेसवे पर उनके एक साथी के हवाले कर दिया गया। यह जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात भी सामने आई कि मुख्य आरोपी कशिश, उर्फ ईशू चौहान, और पीड़ित संदीप पहले से एक-दूसरे को जानते थे।

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2021 से दोनों के बीच संपर्क था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को जानकारी थी कि पीड़ित जीएसटी से संबंधित काम करता है और बिलों में कथित हेरफेर के चलते नोटिस आदि की कार्रवाई का सामना कर चुका था। इसी जानकारी को आधार बनाकर आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करने की योजना बनाई। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे पीड़ित की गतिविधियों और उसके कामकाज के बारे में जानकारी थी। इसके बाद आरोपियों ने उसकी रेकी की और 20 जुलाई को योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान मुख्य आरोपी कशिश उर्फ ईशू चौहान ने पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी। उसने पीड़ित की कार चलाते हुए उसे पीछे की सीट पर बैठे साथी के साथ रखा, जबकि एक अन्य आरोपी आगे की सीट पर बैठा था। आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित पर दबाव बनाया और जीएसटी से संबंधित कार्रवाई में जेल भेजने की धमकी दी।

इसके बाद पीड़ित के फोन से रकम मंगाई गई। जब पीड़ित का भाई 29 लाख रुपए नकद लेकर पहुंचा तो आरोपियों ने रकम अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद उन्होंने पीड़ित को उसकी कार समेत छोड़ दिया और अपनी कार से मौके से फरार हो गए।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशू चौहान निवासी बिजनौर, हाल निवासी सलारपुर नोएडा है।

वह यशोभूमि, द्वारका, दिल्ली में ड्राइवर कम पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत बताया गया है। दूसरा आरोपी राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल से जुड़ा है। तीसरा आरोपी विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर, बल्लभगढ़ में ड्राइवर कम पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत रहा है। चौथा आरोपी अंकित शाही सलारपुर में लोहे की ग्रिल और गेट बनाने का काम करता है तथा घटना में इस्तेमाल कार का मालिक बताया गया है।

पांचवां आरोपी अंशुल दिल्ली में प्रॉपर्टी का काम करता है।

इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल पांचों आरोपियों में से कोई भी पुलिसकर्मी नहीं है। हालांकि, आरोपियों में से कुछ का सरकारी विभागों से जुड़ी सेवाओं में काम करने या संबद्धता का उल्लेख जांच में सामने आया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा, लूटी गई रकम से खरीदी गई करीब 4 लाख 50 हजार रुपये कीमत की सोने की चेन, चांदी का कड़ा और अंगूठी भी बरामद की गई।

इस तरह पुलिस के मुताबिक, कुल 29 लाख रुपए की शत-प्रतिशत बरामदगी की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार और बिना नंबर प्लेट की एक वेन्यू कार बरामद की है।

आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक जोड़ी पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी तथा दिल्ली सिविल डिफेंस के लोगो वाली वर्दी, डोरी और बेल्ट भी बरामद हुए हैं।

बिसरख थाने की पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र के जरिए आरोपियों की पहचान की गई और जलपुरा रोड स्थित स्कॉन मंदिर के पास से पांचों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं और उनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

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