अब तक 26 शव हुए बरामद, तपोवन टनल के अंदर जारी है राहत-बचाव कार्य
तपोवन के पास बनी झील जैसी स्थिति बन गई है, जबकि निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के बाढ़ प्रभावित चमोली और आसपास के इलाकों में जारी राहत अभियानों के बीच सोमवार को कहा कि पूरी घटना की व्यापक जांच की जा रही है ताकि भवष्यि में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य सहायता मुहैया कराना है। घटना ग्लेशियर के टूटने से हुई। मुख्य सचिव को वास्तविक कारणों का पता लगाने का नर्दिेश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार करीब 200 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा, डीआरडीओ की एक टीम इस त्रासदी का कारण पता लगाने में जुटी है। हमने इसके लिये इसरो के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से भी मदद मांगी है।ह्ण रावत ने कहा कि इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिये चल रहे व्यापक वश्लिेषण के बाद, हम भवष्यि में ऐसी किसी भी संभावित त्रासदी से बचने के लिये एक योजना बनाएंगे। राहत कार्यों के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि वे पूरी शद्दित से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा, हमने बचाव और राहत अभियान के लिये सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं। साथ ही साथ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण, हम प्रभावित गांवों के बीच दोबारा संपर्क स्थापित करने का काम कर रहे हैं। रावत ने कहा कि जल्द ही आर्थिक नुकसान का आकलन किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, गढ़वाल क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद आई तबाही के दौरान पानी का गुबार इतना भीषण था कि तपोवन का बांध पूरी तरह साफ हो गया। इस डैम की लोकेशन से जो शुरुआती तस्वीर सामने आई है, उसमें कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है।





