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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:00 · नई दिल्ली संस्करण

इतिहास के पन्नों में 24 मईः पेरू की फुटबॉल त्रासदी, जिसे सुनकर रूह कांप जाती है

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
इतिहास के पन्नों में 24 मईः पेरू की फुटबॉल त्रासदी, जिसे सुनकर रूह कांप जाती है

देश-दुनिया

के इतिहास में 24 मई की तारीख तमाम अच्छी-बुरी खबरों के लिए दर्ज है। यह

तारीख फुटबॉल के इतिहास की सबसे भीषण त्रासदी के रूप में याद की जाती है।

वो तारीख थी 24 मई 1964 और स्थान था पेरू की राजधानी लीमा का नेशनल

स्टेडियम। यहां पेरू और अर्जेंटीना की फुटबॉल टीमों के बीच मैच हो रहा था।

इस मैच में जीतने वाले को टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक में खेलने का मौका

मिलना था। दोनों टीमों के लिए यह करो या मरो का मुकाबला था। पेरू की टीम

पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर थी और दो मैच बाकी थे। ओलिंपिक क्वालीफाई

करने के लिए कम से कम पेरू को यह मैच ड्रॉ तो करवाना ही था।

स्टेडियम

में करीब 50 हजार दर्शक बैठे थे। पेरू के लिए यह होम ग्राउंड था, लेकिन

अर्जेंटीना ने 1-0 से मैच में शुरुआती बढ़त ले ली थी। मैच खत्म होने में

करीब छह मिनट बचे थे। पेरू को किसी भी हाल में एक गोल करना ही था। पेरू के

किलो लोबाटन ने गोल दागा, बॉल नेट से भी जा टकराई लेकिन मैच रेफरी ने फाउल

देते हुए गोल देने से मना कर दिया। इसके बाद नाराज दर्शकों ने स्टेडियम में

उत्पात मचाना शुरू कर दिया। लोग रैफरी को मारने के लिए दौड़े। पुलिस ने एक

दर्शक को पकड़कर बुरी तरह पीटा, इससे गुस्सा और भड़क गया। पुलिस ने आंसू

गैस के गोले दागे। स्टेडियम में जगह-जगह आग लग गई। भीड़ के पैरों तले दबने

से सैकड़ों लोगों की मौत हुई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 328 लोग मारे

गए, लेकिन मरने वालों की असल संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। पेरू में अगले

सात दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1689ः ब्रिटिश संसद ने प्रोटेस्टेंट ईसाइयों को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी प्रदान की।

1885ः

सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ में मुहम्मदीन एंग्लो ओरिएंटल स्कूल की स्थापना

की। यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध है।

1883ः ब्रुकलिन और मैनहट्टन को जोड़ने वाले ब्रुकलिन ब्रिज को यातायत के लिए खोला गया।

1915ः थॉमस अलवा एडिसन ने टेलीस्क्राइब का आविष्कार किया।

1931ः पहली वातानुकूलित यात्री ट्रेन अमेरिका के वाल्टमोर ओहियो मार्ग पर चलाई गई।

1959ः साम्राज्य दिवस का नाम बदलकर राष्ट्रमंडल दिवस किया गया।

1985ः बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान से 10 हजार लोगों की मौत।

1986ः मार्गरेट थैचर इजराइल का दौरा करने वाली पहली ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनीं।

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