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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

20,000 नए शिक्षक व अनुदेशक बेसिक शिक्षा के कायाकल्प को बनाएंगे और मजबूत: सीएम योगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
20,000 नए शिक्षक व अनुदेशक बेसिक शिक्षा के कायाकल्प को बनाएंगे और मजबूत: सीएम योगी

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए अनुदेशकों की नियुक्ति की जाएगी: सीएम

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद की कायाकल्प यात्रा को और अधिक मजबूती देने के लिए प्रदेश सरकार 20,000 नए शिक्षक और अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शिक्षा आयोग का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों का चयन कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10,000 नए शिक्षकों का अधियाचन भेजा जा चुका है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात भी बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सरकार ने खुद मांगा मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति शुरू की गई थी।

उस समय उन्हें 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। वर्तमान में कला शिक्षा के 8,469, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के 9,645 तथा कार्यानुभव शिक्षा के 6,192 अनुदेशक कार्यरत हैं और कुल संख्या 24,296 रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011-12 से लेकर 2022 तक इनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्ष 2019 में अनुदेशक महासंघ के साथ बैठक में उन्होंने स्वयं प्रस्ताव मांगा था, लेकिन चुनाव अधिसूचना के कारण निर्णय नहीं हो सका। वर्ष 2022 में सरकार ने 2,000 रुपये की वृद्धि की, लेकिन सरकार स्वयं भी इससे संतुष्ट नहीं थी।

सभी अनुदेशक पोर्टल पर कराएं पंजीकरण, जल्द मिलेगा स्वास्थ्य कार्ड मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मानना है कि अनुदेशक, शिक्षामित्र और बेसिक शिक्षा से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी का सम्मान और मानदेय गरिमापूर्ण होना चाहिए।

लंबे समय से चली आ रही मांगों को स्वीकार करते हुए सरकार ने अब अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। साथ ही उन्हें और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अनुदेशक बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा तैयार पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराएं ताकि अगले सप्ताह बड़े समारोह में स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा सकें।

शिक्षा की नींव मजबूत करने वालों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24,296 अनुदेशकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत की शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए निरंतर योगदान दे रहा है, उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी इससे जुड़ी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2019 में अनुदेशक बहनों को छह माह का पूर्ण मानदेय सहित मातृत्व अवकाश दिया था।

वर्ष 2023 में स्वेच्छा से विद्यालय परिवर्तन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके तहत 4,000 से अधिक अनुदेशकों को अपनी पसंद का विद्यालय चुनने का अवसर मिला।

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