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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:54 · नई दिल्ली संस्करण

नीट यूजी पेपरलीक मामले में 10वीं गिरफ्तारी, सीबीआई ने महाराष्ट्र के कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर को दबोचा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नीट यूजी पेपरलीक मामले में 10वीं गिरफ्तारी, सीबीआई ने महाराष्ट्र के कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर को दबोचा

नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने सोमवार को महाराष्ट्र के एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस जांच में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या दस हो गई है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, मोटेगांवकर जो कथित तौर पर लातूर में कोचिंग क्लास चलाते थे। उन्होंने कथित नीट पेपर लीक नेटवर्क में एक अहम भूमिका निभाई थी। एजेंसी द्वारा औपचारिक रूप से गिरफ्तार किए जाने से पहले, उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि सीबीआई जल्द ही इस ताजा गिरफ्तारी पर एक आधिकारिक बयान जारी कर सकती है।

यह घटनाक्रम नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर के कथित लीक की देशव्यापी जांच के तेज होने के बीच सामने आया है। इस लीक से भारी आक्रोश फैल गया था और अंततः 3 मई को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को नीट पेपर लीक की आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। पुणे की रहने वाली और एनटीए द्वारा नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी टीचर मंधारे पर बायोलॉजी के प्रश्न पत्र को लीक करने की साज़िश में शामिल होने का संदेह है। केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस पेपर लीक का कथित सरगना माना जा रहा है।

दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान, सीबीआई ने पीठ को बताया कि मंधारे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों का अनुवाद करने में माहिर थीं और उनके पास नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर तक पहुंच थी।

सीबीआई ने कहा कि मनीषा ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर साजिश रची थी। उसने प्रश्न पत्र एक अन्य आरोपी शुभम को दिया था। देशभर में एक साथ जांच चल रही है। हमें जांच के लिए उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने की जरूरत है।

एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि मंधारे ने पुणे की कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे (जिसे इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था) के जरिए नीट के संभावित उम्मीदवारों को जुटाया था और पुणे स्थित अपने घर पर छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए थे।

सीबीआई के अनुसार, इन क्लासों के दौरान, उसने कथित तौर पर बायोलॉजी के कई प्रश्न छात्रों को बताए और उनसे कहा कि वे उन्हें अपनी किताबों में नोट कर लें और निशान लगा लें।

जांचकर्ताओं का दावा है कि इनमें से ज्यादातर सवाल असल नीट यूजी 2026 के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।

इससे पहले, इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और उनसे विस्तार से पूछताछ के लिए उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। दो अन्य आरोपियों को जिन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था, पुणे की एक अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उन्हें दिल्ली भेज दिया गया।

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