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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनाकर मजदूरी कर रहे थे 10 बांग्लादेशी, मुर्शिदाबाद में गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनाकर मजदूरी कर रहे थे 10 बांग्लादेशी, मुर्शिदाबाद में गिरफ्तार

मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने एक ही दिन में दस बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां जिले के लालगोला, भगवानगोला और शमशेरगंज थाना क्षेत्रों में हुईं। सभी आरोपित बांग्लादेश के चापाई नवाबगंज और राजशाही जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी को लालगोला के होल्डिंग सेंटर में भेज दिया है।

शनिवार को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये लोग सीमा पार कर दलालों के जरिये फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाकर भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी मजदूर के रूप में कार्य कर रहे थे। लौटते समय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। शुक्रवार रात को लालगोला थाना क्षेत्र के बैरा मीरपुर इलाके से सात बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जो चापाई नवाबगंज जिले के चरगयेशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं, भगवानगोला स्टेशन के पास से एक और बांग्लादेशी व्यक्ति को पकड़ा गया, जो राजशाही जिले के गोडागारी थाने का निवासी है।

लालगोला थानाध्यक्ष के अनुसार, पकड़े गए सातों बांग्लादेशी करीब छह महीने पहले लालगोला सीमा को अवैध तरीके से पार कर देश में दाखिल हुए और दक्षिण भारत में निर्माण कार्य में जुट गए। वहां वे नकली भारतीय दस्तावेजों के सहारे काम कर रहे थे। हाल ही में वे लालगोला लौटे और शुक्रवार रात बीरा मीरपुर से होकर बांग्लादेश वापस जाने वाले थे, तभी स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें धर लिया। पूछताछ में सभी ने माना कि वे अवैध तरीके से काम की तलाश में भारत आए थे। भगवानगोला में पकड़े गए व्यक्ति ने भी ऐसा ही बयान दिया है।

भगवानगोला के एसडीपीओ विमान हलदर ने बताया कि "लालगोला और भगवानगोला थाना क्षेत्र से कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को पद्मभवन होल्डिंग सेंटर भेजा गया है और आगे की प्रक्रिया के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा। प्रक्रिया जारी है।" शमशेरगंज थाना क्षेत्र में दो और बांग्लादेशी नागरिक सीमा पार करने से पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ते घुसपैठ के मुद्दे पर गृह मंत्रालय और बीएसएफ ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के प्रशासन द्वारा 468 एकड़ जमीन पहले ही बीएसएफ के हवाले कर दी गई है। सीमा सुरक्षा के लिए कांटेदार तार भी लगाया जा रहा है और निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद घुसपैठ की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि बीएसएफ की नजर से बचते हुए इतने लोग भारत कैसे आ रहे हैं, और उन्हें फर्जी भारतीय पहचान पत्र कहां मिल रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह फिर से साबित करता है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

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