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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 7:24 · नई दिल्ली संस्करण

विपक्ष के हंगामे की बलि चढ़ गया झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन

रांची। झारखंड विधानसभा का छह दिवसीय मॉनसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण पांच दिन में समाप्त हो गया। इस छोटे सत्र में कई मुद्दे छाए रहे। सदन के अंदर से लेकर बाहर तक मामला गरम रहा। यहां तक कि विपक्ष ने सदन के बाहर डमी सदन भी चलाया। हालात यहां तक पहुंच गए कि सदन की गरिमा को कायम रखने के लिए स्पीकर को भाजपा के चार विधायकों को निलंबित करना पड़ा। इस गहमागहमी के बीच राज्य सरकार अनुपूरक बजट सहित कई विधेयक पारित कराने में सफल रही।

सत्र की समाप्ति के बाद झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने कहा कि एक दल के सदस्यों के आचरण से आहत होकर विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से एक दिन पहले स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सदन के श्रृंगार हैं लेकिन एक दल के सदस्यों के द्वारा जिस तरह का आचरण पेश किया गया वह कहीं से उचित नहीं है। सदन में उत्पन्न व्यवधान को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खुद हस्तक्षेप किया। उन्होंने यहां तक कहा कि विपक्ष सदन को पैरालाइज करने का षड्यंत्र कर रहा है। हमलोग चर्चा के लिए तैयार हैं, जो भी सुझाव आएगा सरकार इसपर काम करेगी।

3436 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेशविधानसभा में एक अगस्त को वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 3436 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 688 करोड़, पंचायती राज विभाग के लिए 624 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के लिए 465 करोड़, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 426 करोड़, नगर विकास विभाग के लिए 127 करोड़, ऊर्जा विभाग के लिए 188 करोड़, कृषि विभाग के लिए 281 करोड़, गृह विभाग के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।सदन में छाए रहे ये मुद्दे-झारखंड में कम बारिश होने के चलतेे सुखाड़ की नौबत आ गई है। भाजपा विधायकों ने यह मामला भी सदन में जोरशोर से उठाया और झारखंड को अकाल क्षेत्र घोषित करने की मांग की। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्षापात 50 प्रतिशत से कम हुआ है। सरकार शीघ्र मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक करेगी।-करीब 48 लाख रुपये के साथ पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के तीन विधायकों डॉ इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप की गिरफ्तारी का मुद्दा भी गरमा रहा। विपक्ष ने इसको भी राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हुए तीनों की बर्खास्त की मांग की।- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी के खिलाफ भाजपा के विधायकों ने सदन के अंदर जमकर नारेबाजी की।-सदन में खान खनिज लूट का मुद्दा भी गरम रहा। विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से लेकर उनके विधायक प्रतिनिधि और प्रेस सलाहकार तक को निशाने पर लिया।-सदन में विपक्ष के हंगामे से नाराज स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो ने भाजपा के चार विधायकों भानु प्रताप शाही, ढुल्लू महतो, रणधीर सिंह और जेपी पटेल को चार अगस्त तक के लिए सदन से निलंबित कर दिया। इसको लेकर भी सदन में खूब बवाल मचा। विपक्ष ने आसन को भी निशाने पर लिया।-सरकारी विभागों में रिक्त 3,50,721 पदों का मामला भी उठा। सरकार ने इसे आंशिक स्वीकारात्मक माना।-शिक्षा के इस्लामीकरण का मुद्दा भी छाया रहा। राज्य में सरकारी स्कूलों को उर्दू स्कूल घोषित किये जाने का मसला विधानसभा में भी छाया रहा।सदन से छह विधेयक पारित-पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक 2022-झारखंड राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2022-झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक 2022-झारखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2022-अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक 2022 ध्वनिमत- कौशल विद्या उद्यमिता, डिजिटल एवं स्किल विश्वविद्यालय विधेयकविधायकों के सवाल पर घिरे मंत्री-राज्य में ग्राउंड वाटर लेवल से संबंधित विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर बुरे फंस गए। प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य में किसी-किसी जिले में वाटर लेवल 50 प्रतिशत नीचे चला गया है। राजधानी रांची का हाल यह है कि यहां का वाटर लेवल 15 मीटर नीचे चला गया है। जवाब में पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राज्य में बहुत ज्यादा ग्राउंड वाटर में गिरावट नहीं आयी है।- सदन में कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह के सवाल पर प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राज्य की 41 प्रतिशत भूमि सिंचित है। मंत्री के इस जवाब को कागजी जवाब की संज्ञा देते हुए विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि जब 41 प्रतिशत भूमि सिंचित है तो अकाल कैसा।-निर्दलीय विधायक सरयू राय ने हरमू नदी का मामला उठाया। कहा कि स्थिति यह है कि कोई वहां नाक तक नहीं दे सकता। प्रश्न पर मिले सरकार के जवाब को चुनौती देते हुए कहा कि यह जवाब 100 प्रतिशत गलत है। सरकार ने जो जवाब दिया है यदि वो सही हुआ तो वह कल ही विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आसन से इस मामले की जांच के लिए विधानसभा की विशेष कमिटी बनाने की मांग की।जब सदन में छलका दर्द- सत्र में विपक्ष का हंगामा होने पर स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने विपक्ष के हंगामे पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रेशर झेलने का टैबलेट सुबह ही ले लिया हूं। पहले प्रेशर का टैबलेट रात में लेता था। आज सुबह ही सदन में आने से पहले गांधी दर्शन का चार पन्ना पढ़कर आया हूं।-राज्य की सबसे कम युवा विधायक शिल्पी नेहा तिर्की का सदन की लगातार गतिरोध को देखकर दर्द छलका गया। उन्होंने कहा कि सोचा था कुछ सीखूंगी लेकिन यहां तो लज्जा आ रही है।

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