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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:47 · नई दिल्ली संस्करण

नेपाल में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत, पहली टनल रोड से आसान होगी राजधानी की यात्रा

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
नेपाल में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत, पहली टनल रोड से आसान होगी राजधानी की यात्रा

काठमांडू,। नेपाल ने सोमवार को देश की पहली टनल रोड को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया। इसके साथ ही नेपाल ने सुरंग आधारित सड़क परिवहन के एक नए दौर में प्रवेश किया है। इस टनल रोड से काठमांडू तक का सफर आसान हो जाएगा।

पूर्वाधार विकास (बुनियादी ढांचा विकास) मंत्री सुनील लम्साल ने सरकारी अधिकारियों और राजनयिकों की मौजूदगी में आयोजित एक समारोह के दौरान नागढुंगा-सिसनेरी सुरंग का उद्घाटन किया। यह सुरंग काठमांडू घाटी के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर स्थित पृथ्वी राजमार्ग के 2.68 किलोमीटर लंबे हिस्से में बनी है।

जापान सरकार से मिले रियायती ऋण की सहायता से तैयार की गई इस सुरंग से यात्रा का समय 20 से 30 मिनट तक कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में काठमांडू में प्रवेश के लिए वाहनों को नागढुंगा की घुमावदार पहाड़ी सड़क से गुजरना पड़ता है, जिससे सफर लंबा और समय लेने वाला हो जाता है।

उद्घाटन के बाद मंत्री लम्साल ने पत्रकारों से कहा कि अब देशभर में इसी तरह की और सड़क सुरंगें बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा, "हम पूरे देश में इस तरह की और सुरंगें बनाएंगे। इस परियोजना के निर्माण के दौरान हमने कई महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए हैं। अब हमने आधिकारिक रूप से सुरंग युग में प्रवेश कर लिया है।

नेपाल के पश्चिमी हिस्से के पाल्पा जिले में एक अन्य बड़ी परियोजना सिद्धबाबा सुरंग का निर्माण भी जारी है। सड़क विभाग के अनुसार, सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में करीब दो दर्जन अन्य सड़क सुरंग परियोजनाओं की व्यवहार्यता जांच भी कर रही है।

उद्घाटन समारोह में नेपाल में जापान के राजदूत मैदा तोरू ने कहा कि यह परियोजना जापानी तकनीकी विशेषज्ञता और नेपाली इंजीनियरों एवं श्रमिकों की मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है।

उन्होंने कहा, "इस परियोजना में शामिल करीब 98 प्रतिशत इंजीनियर, तकनीशियन और श्रमिक नेपाली थे।

परियोजना की सफलता में उनका समर्पण बेहद महत्वपूर्ण रहा।"

मैदा ने बताया कि जापानी विशेषज्ञों ने नेपाली इंजीनियरों के साथ मिलकर काम किया, उन्हें तकनीकी ज्ञान दिया और सुरक्षा तथा गुणवत्ता प्रबंधन की बेहतर प्रक्रियाओं को मजबूत किया।

उन्होंने कहा, "इस सुरंग से प्राप्त अनुभव नेपाली इंजीनियरों को भविष्य में देश के बुनियादी ढांचे के विकास में नेतृत्व करने में मदद करेगा।

जापानी राजदूत ने यह भी घोषणा की कि नेपाल और जापान सुरंगों की योजना, निर्माण, रखरखाव और संचालन के क्षेत्र में नेपाल की क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई तकनीकी सहयोग पहल शुरू करेंगे।

हालांकि सुरंग का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को हो गया है, लेकिन पहले 10 दिनों तक केवल आपातकालीन वाहनों जैसे एंबुलेंस, दमकल गाड़ियां और सुरक्षा बलों के वाहनों को ही इसका इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।

नागढुंगा सुरंग परियोजना कार्यालय के अनुसार, इसके बाद धीरे-धीरे अन्य वाहनों के लिए भी सुरंग खोली जाएगी। नियमित संचालन शुरू करने से पहले परियोजना कार्यालय तीन महीने तक परीक्षण चरण में सुरंग का संचालन करेगा।

अगले पांच वर्षों तक सुरंग के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चीन की यूसिन और नेपाल की एआरटी के संयुक्त उपक्रम को दी गई है। यह कंपनी यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और टोल संग्रह जैसी जिम्मेदारियां संभालेगी।

हालांकि, जापानी पक्ष की कुछ आपत्तियों की खबरों के बावजूद चीनी कंपनी वाले इस संयुक्त उपक्रम को संचालन और रखरखाव का ठेका दिया गया।

क्योंकि नेपाल के पास टोल रोड सुरंगों के संचालन का पहले कोई अनुभव नहीं है, इसलिए सरकार ने शुरुआती वर्षों के लिए विदेशी कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया।

नागढुंगा सुरंग परियोजना का निर्माण आधिकारिक रूप से 21 अक्टूबर 2019 को शुरू हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इसकी आधारशिला रखी थी।

परियोजना को पहले 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कोविड-19 महामारी, भूमि मुआवजे से जुड़े विवादों और स्थानीय समुदायों के साथ पेयजल सहित अन्य मुद्दों पर मतभेदों के कारण इसे पूरा होने में लगभग सात साल लग गए।

परियोजना कार्यालय के अनुसार, इस सुरंग परियोजना की कुल लागत करीब 24 अरब नेपाली रुपये रही।

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