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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

जमशेदपुर से 14 दिन पूर्व अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी सकुशल बरामद, बिहार-झारखंड बॉर्डर पर हुई रिहाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जमशेदपुर से 14 दिन पूर्व अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी सकुशल बरामद, बिहार-झारखंड बॉर्डर पर हुई रिहाई

जमशेदपुर। जमशेदपुर के चर्चित उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र 24 वर्षीय कैरव गांधी 14 दिनों के बाद अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त हो गए हैं। वह मंगलवार की सुबह करीब 4.30 बजे जमशेदपुर स्थित अपने आवास पर पहुंच गए हैं। पुलिस के अनुसार, उन्हें झारखंड के हजारीबाग और बिहार के गया बॉर्डर के बीच बरामद किया गया।

जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय ने कारोबारी पुत्र की सकुशल बरामदगी की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस की प्राथमिकता पीड़ित की सुरक्षा थी, जिसमें सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और तकनीकी जांच लगातार जारी है। पुलिस इस मामले को पूरी तरह सुलझाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है।

जमशेदपुर के सीएच एरिया में रहने वाले कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को दिन में 11.30 से 1 बजे के बीच उस वक्त हुआ था, जब वे अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे।

उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे पहले शहर के बिष्टुपुर स्थित एसबीआई बैंक जाएंगे, इसके बाद आदित्यपुर में अपनी कंपनी पहुंचेंगे और दोपहर के भोजन के लिए घर लौट आएंगे।

दोपहर 1.45 बजे तक उनके घर नहीं लौटने और मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिलने पर उनकी तलाश शुरू हुई थी। इसके कुछ देर बाद परिजनों को एक विदेशी नंबर से फोन आया था, जिसमें कैरव गांधी के अपहरण की बात बताते हुए परिजनों से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी।

बाद में यह मांग बढ़कर दस करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सात विशेष जांच टीमों (एसआईटी) का गठन किया था। ये टीमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में लगातार छापेमारी कर रही थीं। इस बीच, झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने दो दिन पहले खुद जमशेदपुर पहुंचकर कैरव गांधी के अपहरण के मामले में कार्रवाई और जांच की प्रगति की जानकारी ली थी।

बहरहाल, कैरव गांधी के सकुशल लौटने से पूरे शहर ने राहत की सांस ली है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कैरव गांधी की रिहाई पूरी तरह पुलिस कार्रवाई का परिणाम है या परिजनों के प्रयासों से यह संभव हो पाया। पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

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