मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड से याेग को दुनिया में मिली प्रसिद्धि... पर योग प्रशिक्षक बेरोजगार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तराखंड से याेग को दुनिया में मिली प्रसिद्धि... पर योग प्रशिक्षक बेरोजगार

देहरादून। उत्तराखंड से योग को देश-दुनिया में प्रसिद्धि मिली पर राज्य के योग प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिला। स्कूलों में कक्षा 6 से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में योग शामिल है, लेकिन योग शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। सरकारी स्कूल, विश्वविद्यालय और कॉलेजों में नियुक्तियां न मिलने पर योग प्रशिक्षित बेरोजगार विरोध स्वरूप 24 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। योग प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष अमित नेगी ने कहा कि इसके साथ ही निकाय और पंचायत चुनावों का बहिष्कार भी किया जाएगा।नेगी ने कहा कि इस बाबत मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में दो बार योग प्रशिक्षितों की नियुक्ति देने का मामला आ चुका है। योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति पर हर बार सहमति भी बनी है, लेकिन आदेश कागजों से बाहर नहीं निकल रहा। वहीं बेरोजगारों का कहना है कि योग को बढ़ावा देने के नाम पर कई बड़े दावे किए जाते हैं। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार हो या फिर वर्तमान की भाजपा सरकार। दोनों सरकारों में उनके लिए नौकरी की घोषणा हुई, लेकिन नौकरी नहीं मिली। उनके लिए पूर्व में कैबिनेट में आए प्रस्ताव भी लटके हैं।उत्तराखंड योग प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित नेगी ने बताया कि शासनादेश जारी हुआ, लेकिन बेरोजगारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार प्रदेश के योग प्रशिक्षित बेरोजगार पिछले 17-18 वर्षों से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। नौकरी नहीं मिलने से बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षितों की नौकरी की अधिकतम आयु सीमा भी पार हो चुकी है। योग प्रशिक्षकों में 90 फीसदी से ज्यादा बेरोजगार आम गरीब परिवारों से आते हैं। रोजगार का साधन न होने से उन्हें तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।घोषणा हुई, लेकिन नहीं मिला रोजगारयोग प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि नौकरी के नाम पर उनके साथ मजाक हो रहा है। वर्ष 2010, 2014 और 2016 में योग प्रशिक्षितों को नियुक्ति का प्रस्ताव कैबिनेट में आया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा एक मार्च 2014 को टिहरी में आयोजित एक समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जूनियर हाईस्कूलों एवं उच्च स्तर की कक्षाओं में योग शिक्षा को शामिल करने व योगाचार्यों की नियुक्ति की घोषणा की थी, लेकिन घोषणा के बाद नियुक्ति के मसले पर कुछ नहीं हुआ।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें