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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया

नई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक की ओर से मंगलवार को भारत के वृद्धि दर के अनुमान को वित्त वर्ष 26 के लिए 6.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग, ग्रामीण मांग में रिकवरी और कर सुधारों का सकारात्मक प्रभाव है।

वर्ल्ड बैंक ने रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत इस साल भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 26 में बांग्लादेश की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि भूटान के लिए हाइड्रोपावर कंस्ट्रक्शन में देरी के कारण वित्त वर्ष 26 के लिए पूर्वानुमान को घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया गया है, लेकिन वित्त वर्ष 27 में निर्माण की गति बढ़ने पर इसमें बदलाव होने की उम्मीद है।

वहीं, वित्त वर्ष 26 में मालदीव में विकास दर धीमी होकर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि नेपाल में, हाल की अशांति और बढ़ी हुई राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के कारण वित्त वर्ष 26 में विकास दर घटकर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

इसके अलावा, भारत के दक्षिण में स्थित श्रीलंका की विकास को वित्त वर्ष 26 में बढ़ाकर 3.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसकी वजह पर्यटन और सेवा निर्यात में मजबूत वृद्धि थी।

विश्व बैंक के दक्षिण एशिया वाइस प्रेसिडेंट जोहान्स जुट ने कहा, "दक्षिण एशिया में अपार आर्थिक क्षमताएं हैं और यह अभी भी दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र है, लेकिन देशों को विकास के जोखिमों से सक्रिय रूप से निपटने की जरूरत है।

आरबीआई ने अक्टूबर एमपीसी में चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, केंद्रीय गवर्नर ने कहा कि पहली तिमाही में जीडीपी में देखी गई तेजी बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.2 प्रतिशत रह सकती है।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 26 (चालू वित्त वर्ष) के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया, जो कि अगस्त 3.1 प्रतिशत पर था।

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई दर के अनुमान को 2.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के अनुमान को 3.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 4 प्रतिशत कर दिया है।

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