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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:16 · नई दिल्ली संस्करण

देहदान के बारे में जागरूकता के लिए राम लाल आनंद महाविद्यालय में कार्यशाला आयोजित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । दिल्ली विश्वविद्यालय के राम लाल आनंद

महाविद्यालय में बुधवार को देहदान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला महाविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा

योजना (एनएसएस) और दधीचि देह दान समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित

की गई।

दल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेश सिंह के

आह्वान पर आयोजित इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में दधिचि देहदान

समिति के संयुक्त सचिव डॉ. विशाल चड्ढा, दिल्ली विश्वविद्यालय के एनएसएस

प्रोग्राम समन्वयक डॉ. नरेंद्र कुमार बिश्नोई, एनएसएस क्षेत्रीय समन्वयक

दिल्ली श्रवण राम, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार गुप्ता,

दिल्ली विश्वविद्यालय के एनसीसी समन्वयक मेजर प्रो. संजय कुमार शर्मा और

डॉ. अनुराग शर्मा मौजूद रहे।

कार्यक्रम में देहदान समिति

से डॉ. विशाल चड्ढा ने देहदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के कॉर्निया से चार लोगों की आंखों की रोशनी

वापस लाई जा सकती है। ब्रेन-डेड हुए व्यक्ति के आठ अंग और कार्डियेक

अरेस्ट के कारण मृत व्यक्ति के तीन अंग का इस्तेमाल, किसी अन्य जरूरतमंद

व्यक्ति के लिए किया जा सकता है। इस कार्य से किसी की जान बचाई जा सकती है।

एक मेडिकल स्टूडेंट के लिए मृत शरीर पर पढ़ाई करना ही उसकी जीविकोपार्जन

है। देहदान के बहुत सारे फायदे हैं, इसलिए हमें समाज में देहदान को

सकारात्मक रूप से बढ़ावा देना चाहिए। देहदान के प्रचार-प्रसार में एनएसएस

और एनसीसी वॉलिंटियर्स का एक अहम योगदान है। समाज में देहदान के प्रति झिझक

तोड़ने के लिए युवा शक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डीयू

के एनएसएस प्रोग्राम समन्वयक, डॉ. नरेंद्र बिश्नोई ने विश्वविद्यालय में

एनएसएस की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह बताया कि कैसे एनएसएस की मदद

से हम समाज में एक व्यावहारिक बदलाव ला सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित

मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स में एनएसएस के समन्वयक श्रवण राम ने बताया कि

एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रपति सम्मान, रिपब्लिक डे कैंप

और विदेश जाने का मौका मिलता है, जिसके जरिये आप अपना समग्र विकास कर सकते

हैं। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर प्रो. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण से की।

उन्होंने मानव शरीर की महत्ता पर प्रकाश डाला और देहदान पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का औपचारिक समापन एनएसएस के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. अनुराग शर्मा

ने धन्यवाद ज्ञापन से किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कैडेट आलोक राज और

स्वयंसेवक प्रियंका सिंह ने किया।

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