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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

'महिलाओं की आजादी नहीं छीनी जा सकती', पाकिस्तानी मूल की लड़की हत्याकांड पर मेलोनी का सख्त संदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
'महिलाओं की आजादी नहीं छीनी जा सकती', पाकिस्तानी मूल की लड़की हत्याकांड पर मेलोनी का सख्त संदेश

रोम। इटली में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो कथित सांस्कृतिक या धार्मिक वजहों के नाम पर एक महिला की आजादी, उनका सम्मान और उनके अस्तित्व को नकारने की मंशा रखते हैं। इसका ताजा उदाहराण पाकिस्तान मूल की 18 साल की समन अब्बास की हत्या के मामले में कोर्ट के फैसले के दौरान देखने को मिला। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने पाकिस्तान मूल की समन अब्बास की उसके माता-पिता द्वारा की गई हत्या के मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मेलोनी ने लिखा, "समन अब्बास की हत्या के आखिरी फैसले के साथ, एक दर्दनाक कानूनी कहानी खत्म हो गई है।

इटली में पाकिस्तानी मूल की एक जवान लड़की समन को उसके माता-पिता और कुछ रिश्तेदारों ने मार डाला, क्योंकि उसने जबरदस्ती शादी का विरोध किया था और अपना भविष्य खुद चुनने के अपने अधिकार पर जोर दिया था।"

उन्होंने लिखा कि कोई भी फैसला उसकी जिंदगी वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह सही है कि इस जुर्म के लिए जिम्मेदार लोगों को दोषी ठहराया गया है।

प्रधानमंत्री मेलोनी ने शख्त हिदायत देते हुए कहा, "इटली में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो तथाकथित सांस्कृतिक या धार्मिक वजहों के नाम पर एक महिला की आजादी, इज्जत और जिंदगी को नकारने की हिम्मत करते हैं। ये ऐसे सिद्धांत हैं जिनसे कोई समझौता नहीं हो सकता और जिनसे हम कभी पीछे नहीं हटेंगे।

मेरी संवेदनाएं समन के साथ हैं। भगवान उन्हें शांति दे।"

बता दें, समन अब्बास इटली में रहने वाली 18 साल की पाकिस्तानी मूल की लड़की थी। समन के परिवार ने 2021 में उसकी ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) कर दी थी। मृतिका के परिवार ने पाकिस्तान में उसकी मर्जी के बिना शादी तय कर दी। समन को ये मंजूर नहीं था और वह लगातार इस शादी का विरोध करती रही। इस विरोध का अंजाम उसकी मौत थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समन के परिवार ने उसकी शादी पाकिस्तान में उसके चचेरे भाई के साथ तय की थी। इस दौरान समन नाबालिग थीं और उन्होंने शादी से इनकार करने के बाद इटली में सोशल सर्विस डिपार्टमेंट से मदद मांगी। नवंबर 2020 में उन्हें एक शेल्टर होम भेज दिया गया था।

उन्होंने अपने माता-पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन 11 अप्रैल 2021 को वह दोबारा अपने परिवार के पास लौट गईं। साइप्रस मेल की रिपोर्ट के अनुसार, समन अप्रैल 2021 से लापता थी। पुलिस ने घर के पास वाले सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसमें पांच लोग घर से फावड़े, लोहे की रॉड और एक बाल्टी लेकर जाते हुए दिखाई दिए और करीब ढाई घंटे बाद वे वापस लौटे।

लगभग एक साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद, नवंबर 2022 में मृतिका के शरीर के कुछ अवशेष इटली के नोवेल्लारा शहर में उसके घर के पास से मिले। जांच करने वाली टीम ने डेंटल रिकॉर्ड्स के आधार पर समन के शव की पहचान की।

इसके बाद 2023 में प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा था कि पीड़िता की पहचान को लेकर कोई संदेह नहीं रह गया है।

उस निर्दोष लड़की को न्याय मिले, जो सिर्फ अपनी आजादी के साथ जिंदगी जीना चाहती थी।

इटली की सर्वोच्च अपीलीय अदालत, सुप्रीम कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अब्बास के माता-पिता नाजिया शाहीन और शब्बर अब्बास, उसके चचेरे भाइयों इजाज इकराम और नोमानुल हक को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। अदालत ने उसके चाचा दानिश हसनैन की 22 साल की जेल की सजा भी कायम रखी।

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