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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:43 · नई दिल्ली संस्करण

दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम से कठिन राह भी आसान बनती है: पीएम मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम से कठिन राह भी आसान बनती है: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम को लेकर संस्कृत सुभाषित शेयर किया।

प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।"

पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक 'निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥' सोशल मीडिया पर साझा किया।

इस श्लोक का हिंदी अर्थ है, "जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्चय के साथ आरंभ करता है और उसे बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है, ऐसा व्यक्ति ही वास्तव में बुद्धिमान होता है।"

बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार, 1 जून को कंपाउंड वर्ब (संयुक्त क्रिया) को लेकर सोशल मीडिया पर सुभाषित शेयर किया था। पीएम ने लिखा था कि कंपाउंड वर्ब (संयुक्त क्रिया) का अर्थ है- एक शब्द की विशेषता को उससे जुड़े दूसरे शब्द में स्थानांतरित कर देना या जोड़ देना।

जिस व्यक्ति में ये दोनों गुण हों, उसे ही शिक्षक के कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक 'श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता । यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।'

साझा किया था।

इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि कुछ लोग स्वयं किसी कार्य को करने में बहुत निपुण होते हैं, जबकि कुछ अन्य लोग उस ज्ञान या कौशल को दूसरों तक बहुत अच्छी तरह पहुंचाने में विशेष योग्य होते हैं। जिस व्यक्ति में ये दोनों गुण, खुद में निपुणता और दूसरों को सिखाने की क्षमता, निहित हों, उसे ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की श्रेणी में सबसे आगे स्थान दिया जाना चाहिए।

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