लोकसभा चुनाव में जेडीयू से कौन होगा उम्मीदवार -सीट शेयरिंग पर सीएम आवास में पार्टी की हुई बैठक -नए चेहरों को मिल सकता है मौका

पटना। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, लेकिन बिहार में न तो अब तक एनडीए में सीट बंटवारा हो पाया है और न ही महागठबंधन में। एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है। जानकारी है कि बिहार में बीजेपी की लिस्ट फाइनल हो गई है। इस बीच जेडीयू ने भी अपने लोकसभा उम्मीदवारों को लेकर आज बैठक बुलाई। यह बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग में हुई। माना जा रहा है कि जेडीयू जल्द ही 16 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट आज तैयार कर बीजेपी को भेज देगी।बैठक में राज्यसभा सांसद संजय झा और मुंगेर से सांसद ललन सिंह शामिल रहे। बैठक के बाद संजय झा ने कहा कि सीट बंटवारे पर जल्द हम लोग पूरी जानकारी दे देंगे। इंडिया गठबंधन में और एनडीए के बीच कहीं कोई कॉन्टेस्ट है ही नहीं। जनता फैसला करेगी।राहुल गांधी की यात्रा पर उन्होंने कहा कि वह यात्रा करते हुए निकल गए हैं, हमने देखा तो यात्रा करते ही रह गए। एनडीए गठबंधन ने जिस तरह का काम पूरे देश में या बिहार में किया है, इससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारण यह इलेक्शन एक तरफा है।पशुपति पारस को लेकर हुए सवाल पर संजय झा ने कहा कि यह पूरा मामला जो लोग हैंडल कर रहे हैं उनसे पूछिए। वहीं शिक्षक परीक्षा भर्ती का क्वेश्चन लीक होने मामले में उन्होंने कहा इसकी जानकारी नहीं है।बताया जा रहा है कि जदयू का फोकस एनडीए के साथ मिलकर बिहार की सभी 40 सीटों पर जीत दर्ज करने पर है। ऐसे में पार्टी अपने हर सीट पर मजबूत और कमजोर उम्मीदवार का आंकलन कर रही है। वैसे चेहरे जो जदयू के उम्मीदवार रहे हैं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उनपर सवाल खड़े हो रहे, उन्हें बदले जाने की चर्चा है।माना जा रहा है कि जदयू वैसे छवि के लोगों को मैदान में उतारेगी, जो विवादों से दूर हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में कई लोगों ने जदयू के सिंबल पर चुनाव लड़ा था, लेकिन नीतीश कुमार के खिलाफ ही बोलना शुरू कर दिया था। ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।इनमें सीतामढ़ी सांसद सुनील कुमार पिंटू का नाम सबसे ऊपर है। सुनील कुमार पिंटू को जदयू ने रातों-रात टिकट दिया था। जिसके बाद जीत हुई थी, लेकिन जेडीयू के महागठबंधन के साथ जाने पर उनके बागी सुर उभर कर सामने आने लगे थे।कई मौकों पर वे बीजेपी का समर्थन करते हुए सीएम नीतीश कुमार पर भी निशाना साध चुके हैं। चर्चा है कि सुनील कुमार पिंटू की जगह पर सीतामढ़ी से विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को टिकट दिया जा सकता है ।2024 के लोकसभा चुनाव में 40 सीटों पर जीत के लिए बीजेपी के साथ मिलकर हर सीट पर रणनीति तय कर रही है। जानकारी के मुताबिक जदयू कई ऐसे सीट को बीजेपी के साथ बदली कर सकती है। वैसी सीट जहां बीजेपी के जीतने की संभावना ज्यादा है, वहां जदयू अपनी सीट बीजेपी की दे सकती है। जहां बीजेपी के कई सीटों पर जहां जदयू मजबूत दिखाई पड़ती है, वो सीट जदयू के खाते में आ सकती है।





