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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:54 · नई दिल्ली संस्करण

चीन पर व्हाइट हाउस का बड़ा आरोप, अमेरिकी वोटरों का डेटा हुआ हैक

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
चीन पर व्हाइट हाउस का बड़ा आरोप, अमेरिकी वोटरों का डेटा हुआ हैक

वाशिंगटन। व्हाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट जारी की है, जिसमें दावा किया गया है कि सार्वजनिक किए गए अमेरिकी इंटेलिजेंस डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि चीन और उसके प्रॉक्सी ने 220 मिलियन (22 करोड़) अमेरिकियों का वोटर रजिस्ट्रेशन डेटा हासिल किया। इसमें ऐसी जानकारी भी शामिल है जो सार्वजनिक तौर उपलब्ध नहीं थी।

यह फैक्ट शीट व्हाइट हाउस गवर्नमेंट ट्रांसपेरेंसी टास्क फोर्स ने जारी की थी और कहा था कि इसे नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के ऑफिस, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और गृह सुरक्षा विभाग के डायरेक्टरों ने मंजूरी दी है।

यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में विदेशी चुनाव गतिविधियों से जुड़े इंटेलिजेंस डॉक्यूमेंट्स को डीक्लासिफाई करने से जुड़ा है।

जारी की गई परिभाषा के अनुसार, "चुनाव में प्रभाव डालने वाली गतिविधियों में विदेशी सरकारों या विदेशी सरकारों के एजेंट के तौर पर या उनकी ओर से काम करने वाले लोगों की खुली और छिपी हुई प्रभावी गतिविधियां शामिल हैं।

इनका मकसद सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करना है, जिसमें उम्मीदवार, राजनीतिक पार्टियां, वोटर या उनकी पसंद, या राजनीतिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। चुनाव में दखल देना चुनाव के तकनीकी पहलुओं पर लक्षित चुनाव प्रभाव का एक हिस्सा है, जिसमें वोटर रजिस्ट्रेशन, वोटिंग और वोटों की गिनती, और नतीजों की रिपोर्टिंग शामिल है।

सरकार ने कहा कि इस डेफिनिशन में साफ तौर पर किसी विदेशी ताकत द्वारा वोटर रजिस्ट्रेशन इंफ्रास्ट्रक्चर या वोटर रजिस्ट्रेशन डेटा को टारगेट करने की कोशिशें शामिल हैं।

फैक्ट शीट में आगे कहा गया है कि 2022 के इंटेलिजेंस कम्युनिटी के दस्तावेजों में एक चीनी कंप्यूटर नेटवर्क शोषण यानी सीएनई अभिकर्ता की पहचान की गई थी, जिसने व्यावसायिक वेबसाइटों पर संग्रहीत मतदाता पंजीकरण डेटा हासिल किया था।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, सीएनई के अभिकर्ता आमतौर पर ऐसी जानकारियां हासिल करने के लिए साइबर ऑपरेशन का सहारा लेते हैं जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होतीं।

दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि जब कोई विदेशी दुश्मन ऐसी जानकारी हासिल कर लेता है, तो इंटेलिजेंस एजेंसियों के अनुसार उससे जुड़े संभावित जोखिम क्या हो सकते हैं।

व्हाइट हाउस ने दस्तावेज के हवाले से कहा, "दुश्मन डेटा में बदलाव कर सकते हैं ताकि किसी एक वोटर या वोटरों के समूह को वोट देने से रोका जा सके, जिससे चुनाव के दिन देरी हो सकती है या वोटरों को प्रोविजनल बैलेट इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। दुश्मन रजिस्ट्रेशन डेटा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो कुछ मामलों में पब्लिकली या खरीदने के लिए भी उपलब्ध होता है, दूसरे दखल या असर डालने की कोशिशों को सही करने के लिए।

व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप के 16 जुलाई, 2026 के भाषण के पीछे की इंटर-एजेंसी प्रोसेस की डिटेल्स भी बताईं, जिसे सरकार ने चीन की चुनाव में दखल देने वाली गतिविधि बताई थी।

इसमें कहा गया कि नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के ऑफिस, गृह सुरक्षा विभाग, सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के रिमार्क्स तैयार करने में व्हाइट हाउस के साथ कोऑर्डिनेट किया।

फैक्ट शीट के अनुसार, "इंटेलिजेंस एजेंसियों ने राष्ट्रपति के भाषण में इस्तेमाल किए गए अपने डॉक्यूमेंट्स से फैक्ट्स को मंजूरी दी थी।"

यह रिलीज ट्रंप सरकार का अमेरिकी चुनावों को टारगेट करने वाली विदेशी गतिविधियों से जुड़ी नई सार्वजनिक इंटेलिजेंस मटीरियल को पब्लिक करने का सबसे नया कदम है।

सरकार का कहना है कि डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने से चुनाव सुरक्षा और विदेशी साइबर ऑपरेशन्स से जुड़े इंटेलिजेंस असेसमेंट्स में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी आती है।

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