मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:25 · नई दिल्ली संस्करण

मध्‍य प्रदेश में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 13 जिलों में भी होगी जोरदार बरसात

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
मध्‍य प्रदेश में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 13 जिलों में भी होगी जोरदार बरसात

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने अगस्त के दूसरे पखवाड़े में जोरदार दस्तक दी है। प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही मानसून टर्फ, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और ऊपरी हवा में सक्रिय चक्रवातों के कारण लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को बैतूल और बुरहानपुर जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है। वहीं, 13 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग का अनुमान है कि 18 अगस्त तक प्रदेशभर में तेज बारिश होती रहेगी और कई जिलों में सीजन का बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा।

अगले 24 घंटे में बैतूल और बुरहानपुर में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के मुताबिक बैतूल और बुरहानपुर जिले अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। यहां 8 इंच तक बारिश दर्ज होने का अनुमान है। वहीं झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इन जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिक देवेश सिंह ने बताया कि नर्मदापुरम, हरदा, दक्षिणी सीहोर, नीमच, मंदसौर-गांधी सागर अभयारण्य, अनूपपुर-अमरकंटक, मंडला-कान्हा, डिंडोरी, बालाघाट में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही पचमढ़ी, उत्तरी सीहोर, उज्जैन-महाकालेश्वर, आगर, सागर, शहडोल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्ना-पेंच, धार-मांडू में बिजली के साथ मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इंदौर-एपी, देवास, झाबुआ, खंडवा-ओंकारेश्वर, उमरिया, जबलपुर-भेड़ाघाट, राजगढ़, रतलाम-धोलावाड़ और मध्य रात्रि में सिंगरौली, कटनी, दमोह, रायसेन-सांची-भीमबेटिका, नरसिंहपुर, बुरहानपुर, खरगोन-महेश्वर, बड़वानी-बावनगजा, अलीराजपुर, शाजापुर, विदिशा, भोपाल में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होगी।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्यप्रदेश से गुजर रही ट्रफ लाइन (द्रोणिका), बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो-प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से यह स्थिति बनी है। लो-प्रेशर एरिया वर्तमान में दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट पर है और इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। साथ ही पंजाब, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और पूर्वोत्तर अरब सागर पर भी हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात सक्रिय हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों का असर मध्यप्रदेश पर एक साथ देखने को मिल रहा है।

17-18 अगस्त को फिर बढ़ेगा बारिश का जोर

मौसम विभाग का कहना है कि 17 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश होगी। इसके बाद 18 अगस्त से और मजबूत सिस्टम एक्टिव होगा। इस कारण कई जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और नदियों-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

अब तक 82% बारिश, सिर्फ 6.5 इंच कम

प्रदेश की औसत बारिश 37 इंच मानी जाती है। अब तक 30.5 इंच पानी गिर चुका है, जो औसत का 82 प्रतिशत है। यानी, प्रदेश अब केवल 6.5 इंच बारिश से अपने वार्षिक कोटे तक पहुँच जाएगा। विशेष बात यह है कि इस सीजन में अब तक औसत से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हो चुकी है। जिसमें कि पूर्वी एमपी (जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा संभाग) में औसत से 31% ज्यादा। पश्चिमी एमपी (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम संभाग) में औसत से 20% ज्यादा और ग्वालियर समेत 10 जिलों में सीजन का कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है।

अगस्त में मानसून की जबरदस्त वापसी

जून और जुलाई में प्रदेश में बारिश का प्रदर्शन संतोषजनक रहा था, लेकिन अगस्त की शुरुआत में कुछ दिनों तक बारिश कमजोर पड़ी। हालांकि अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मानसून ने जोरदार वापसी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिलसिला महीने के आखिर तक जारी रह सकता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर बने सिस्टम और टर्फ लाइन के कारण प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला भी लगातार चलता रहेगा। रुक-रुककर बारिश की स्थिति अगले छह-सात दिन तक बनी रह सकती है।

किसानों और आम जनता के लिए राहत

तेज बारिश से खरीफ फसलों को पानी मिलने की संभावना है। धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें अच्छी स्थिति में पहुँचेंगी। वहीं, जलाशयों और बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अति भारी बारिश बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा कर सकती है। इसलिए प्रशासन ने प्रभावित जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें