हमने अपने नेता से मांग रखी है, अब देना ना देना उनके ऊपर : मांझी
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि हमने अपने नेता से बड़ा विभाग देने की मांग रखी है, अब देना ना देना उनके ऊपर है। मांझी अपने बेटे सुमन को दिए गए विभाग से नाखुश हैं और उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से विभाग बदलने की मांग की है। इससे उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके बेटे संतोष कुमार सुमन को दिए गए मंत्री पद से वह जरा भी खुश नहीं हैं। ऐसे में उनकी मांग है कि उन्हें दूसरा कोई विभाग का मंत्री पद मिलना चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर सरकार में दो मंत्री पद की मांग की और उदाहरण देते हुए मनचाहा विभाग के बारे में भी इशारा किया। मांझी ने कहा कि हम सड़क भी बनवा सकते हैं और हम नाली भी बनवा सकते हैं। हम हर वह काम कर सकते हैं जो कोई और कर सकता है। दरअसल उनका इशारा पथ निर्माण विभाग की ओर था। पूर्व सीएम मांझी ने कहा है कि ये घर की बात है, हमको एक रोटी से पेट नहीं भरता है, हम दो तीन रोटी की मांग करेंगे ही। हम अपने नेता से मांग कर रहे हैं। पूर्व सीएम ने यह कहा है कि कम से कम दो रोटी दीजिए, क्योंकि हम गरीब की राजनीति करते हैं, इसलिए ऐसा विभाग मिले कि हम अपने ग्रामीण क्षेत्र में काम कर सकें। हमने अपने नेता के सामने यह मांग रखी है, अब देना ना देना उनके ऊपर है।
पूर्व सीएम मांझी ने यह भी कहा कि ये सोच लीजिए कि नहीं भी देंगे तो हम कोई अप्रिय बात नहीं कहेंगे। जहानाबाद में मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा कि हमने स्पष्ट रूप से पहले भी कहा है कि जो विभाग मुझे मिलता आया है, वही विभाग मेरे बेटे को भी मिला है यह सही नहीं है। हम दो मंत्री पद की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अपने घर में मांग नहीं रखेंगे तो और किनके सामने रखेंगे। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 2 मंत्री की मांग पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, मैं गांव से आता हूं, शहर से मेरा कोई मतलब नहीं रहता है। मैं 43 साल से काम कर रहा हूं। लोगों को मुझसे उम्मीद रहती है कि कुछ काम मैं कर दूं। यदि मुझे कोई मंत्रालय मिल जाए तो और काम हो सकता है। हमेशा मैं एक ही विभाग देखता रहूं ये अच्छा नहीं लगता है।
मांझी ने कहा कि शायद जान बूझकर हमारे समाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ये कोई रंजिश नहीं है। इसके कारण समर्थन देने और लेने का कोई फर्क नहीं आता है। हम नीतीश जी और एनडीए के साथ हैं और रहेंगे। 12 फरवरी को जो फ्लोर टेस्ट होगा उसमें डट कर हम एनडीए का साथ देंगे। एनडीए की सरकार का विधानसभा में फ्लोर टेस्ट जो होना है, वह निश्चित रूप से सफल होगा, क्योंकि इसमें कहीं किसी को कोई किंतु परंतु का प्रश्न ही नहीं उठता है। बिहार में एनडीए की नई सरकार कायम रहेगी। बता दें कि बिहार की बदली राजनीति में जीतन राम मांझी बेहद अहम किरदार हैं। उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार विधायकों पर महागठबंधन और एनडीए, दोनों की निगाह है।





