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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:32 · नई दिल्ली संस्करण

गरीब मुसलमान बंधुओं के लिए वक्फ संशोधन कानून एक नई उम्मीद : लाजवंती झा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गरीब मुसलमान बंधुओं के लिए वक्फ संशोधन कानून एक नई उम्मीद : लाजवंती झा

सहरसा। संसद के दोनो सदनो में वक़्फ संसोधन विधेयक और मुसलमान वक़्फ निरसन विधेयक का पारित होना देश के लिये ऐतिहासिक क्षण है। यह सामाजिक आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को सामने लाता है।यह विशेष रूप से उन लोगो के लिये फायदे मंद होगा जो लम्बे समय से हाशिये पर रहे हैं, जिनकी आवाज़ अनसुनी रही है और उन्हे अवसरो से वंचित रहना पड़ा है।उक्त बातें निवर्तमान भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष लाजवंती झा नें कही।उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025, जिसे उम्मीद विधेयक के रूप में भी जाना जाता है।अप्रैल में संसद में पारित किया गया। भारत में वक्फ संपत्तियों के शासन और प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव करता है। यह कानून 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करना चाहता है।जिसका उद्देश्य सिस्टम के भीतर लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को संबोधित करते हुए वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ाना है। मूल रूप से 2024 में पेश किया गया, बिल एक संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच से गुजरा। व्यापक समीक्षा प्रक्रिया और जन विचार-विमर्श के बाद इसे लोकसभा और राज्यसभा में उम्मीद विधेयक एकीकृत प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास के रूप में पारित किया गया। अगली कार्रवाई विधेयक के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी है, जिसके बाद यह कानून बदल जाएगा।वक्फ यानी अल्लाह के नाम पर किया गया दान, जिसका उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक दोनों होता है लेकिन इस बात से मुसलमान समाज भी सहमत है कि वक्फ के नाम पर कई गलतियां हुई हैं। वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जा है।जिसे हटाने का कोई प्रयास अबतक नहीं किया गया है।इमाम साजिद राशिद यह मानते हैं कि सरकार ने जो वक्फ बिल संसद से पास कराया है, वह सही है। इस बिल का वे लोग विरोध कर रहे हैं, जो वक्फ की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा जमा कर बैठे है। इस बिल में यह प्रावधान किया गया है कि वक्फ की संपत्ति पर जो अवैध कब्जा है उसे हटाया जाएगा या फिर उनसे मुनासिब किराया वसूला जाएगा, ताकि गरीब मुसलमानों का हित साधा जाए।

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