मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:28 · नई दिल्ली संस्करण

छह दशकों में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिला : उपराष्ट्रपति

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई

दिल्ली,। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को मोदी

सरकार के तीसरे कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पिछले छह दशकों

में अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि 1962 के बाद यह पहली बार है कि किसी

प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिला है।

उपराष्ट्रपति के

आवास पर राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए

धनखड़ ने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे अपने विचार व्यक्त करने के लिए

सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग करें और लोकतंत्र में हानिकारक प्रवृत्तियों

के प्रति सतर्क रहें। सकारात्मक विकास के लिए संसद में रचनात्मक बहस,

संवाद और चर्चा की भूमिका पर जोर देते हुए धनखड़ ने प्रशिक्षुओं से आग्रह

किया कि यदि वे इन सिद्धांतों से कोई कमी देखते हैं तो वे जनमत को संगठित

करें।

उन्होंने आगे कहा कि भारत कोई सोया हुआ दानव नहीं है,

बल्कि हम एक गतिशील देश हैं, जो हर दिन और हर पल आगे बढ़ रहा है। स्पष्टता

के लिए भारतीय संविधान से परामर्श करने के महत्व पर जोर देते हुए, धनखड़

ने प्रशिक्षुओं को सलाह दी कि जब भी कोई संदेह हो तो वे भारतीय संविधान का

पाठ पढ़ें।

इंटर्नशिप कार्यक्रम को एक संसदीय स्टार्टअप

बताते हुए धनखड़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे नागरिक अप्रत्यक्ष रूप

से भाग ले सकते हैं और संसद सदस्य बने बिना भी याचिकाओं के माध्यम से

सार्वजनिक मुद्दों को उठा सकते हैं।

इस अवसर पर

उपराष्ट्रपति की पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश,

राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी, उपराष्ट्रपति के सचिव सुनील कुमार

गुप्ता, राज्यसभा के सचिव रजीत पुन्हानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें