मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:40 · नई दिल्ली संस्करण

लंबे समुद्री मिशन के बाद थाईलैंड पहुंचा USS अब्राहम लिंकन

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
लंबे समुद्री मिशन के बाद थाईलैंड पहुंचा USS अब्राहम लिंकन

बैंकॉक। करीब नौ महीने तक लगातार समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है। लंबी और थकाऊ तैनाती के बाद पोत पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को अब कुछ दिनों के आराम का मौका मिला है।

थाइलैंड मीडिया आउटलेट डेली मेल के अनुसार, नेवी ने बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर बुधवार को पटाया पहुंचा, जहां उस पर सवार 5,000 नाविकों और मरीन को अमेरिका लौटने से पहले आराम करने का मौका मिलेगा। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 के कमांडर, रियर एडमिरल रॉबर्ट लॉफ्रन ने एक बयान में कहा, "लैम चाबांग में हमारे पहुंचने से हमारे नाविकों और मरीन को आराम करने और नई ऊर्जा पाने का एक बहुत जरूरी मौका मिला है।"

यह पोत बुधवार को थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंचा।

उसके साथ अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के अन्य युद्धपोत भी हैं। यह पड़ाव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सैनिक करीब 270 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में बिताने के बाद वापसी की राह पर हैं।

यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में कैलिफोर्निया से अपने अभियान पर निकला था। शुरुआत में उसकी तैनाती एशिया-प्रशांत क्षेत्र में थी, लेकिन बाद में बदलते हालात के बीच उसे मध्य पूर्व भेज दिया गया।

ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियान में भी इस विमानवाहक पोत की अहम भूमिका रही।

इतनी लंबी तैनाती ने जहाज पर मौजूद सैनिकों के लिए हालात आसान नहीं छोड़े। लंबे समय तक समुद्र में रहने के दौरान काम का दबाव, सीमित निजी जगह और लगातार सैन्य तैयारियों ने नौसैनिकों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ाया।

अमेरिकी मीडिया में जहाज पर रहने की परिस्थितियों और सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठे हैं।

थाईलैंड पहुंचने के बाद अमेरिकी सैनिकों को करीब पांच दिन का आराम मिलने की उम्मीद है। उन्हें लाम चाबांग से पटाया ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।

हजारों अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होने की उम्मीद है।

होटल, रेस्तरां, परिवहन और पर्यटन से जुड़े कारोबारों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

पटाया प्रशासन ने हालांकि सुरक्षा को लेकर भी व्यापक तैयारियां की हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। स्थानीय कारोबारियों को अमेरिकी सैनिकों से मनमाने दाम वसूलने से बचने की सलाह भी दी गई है।

पटाया और अमेरिकी सेना का रिश्ता नया नहीं है। वियतनाम युद्ध के दौर से ही यह शहर अमेरिकी सैनिकों के आराम और मनोरंजन के प्रमुख ठिकानों में रहा है।

हालांकि समय के साथ पटाया की पहचान एक बड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हुई है।

यूएसएस अब्राहम लिंकन को अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में राहत दी थी। इसके बाद अब वह अमेरिका लौटने की दिशा में है और थाईलैंड का पड़ाव उसके लंबे अभियान के बीच एक तरह का विश्राम स्थल बन गया है।

अमेरिकी नौसेना ने इसे अमेरिका और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों का हिस्सा बताया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें