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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

क्रिप्टो निवेशकों की सुरक्षा के लिए नए कानून की मांग, अमेरिकी सांसदों ने सीनेट से की अपील

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
क्रिप्टो निवेशकों की सुरक्षा के लिए नए कानून की मांग, अमेरिकी सांसदों ने सीनेट से की अपील

वाशिंगटन। अमेरिका के सांसदों ने सीनेट से डिजिटल एसेट (क्रिप्टोकरेंसी) से जुड़े क्लैरिटी एक्ट को जल्द पारित करने की अपील की है। उनका कहना है कि स्पष्ट और एक समान नियम बनने से निवेशकों की सुरक्षा होगी, क्रिप्टो कंपनियां अमेरिका लौटेंगी और वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रख सकेगा।

न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक फेडरल हॉल में हुई सुनवाई के दौरान प्रतिनिधि सभा की डिजिटल एसेट, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपसमिति ने इस विधेयक का समर्थन किया। इस कानून के तहत सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) के बीच निगरानी की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

उपसमिति के अध्यक्ष ब्रायन स्टील ने कहा कि उनका उद्देश्य कार्रवाई के जरिए नियम लागू करने के बजाय डिजिटल एसेट्स के लिए साफ और स्पष्ट नियम बनाना है। प्रतिनिधि सभा यह विधेयक पिछले साल 294-134 के बहुमत से पारित कर चुकी है।

अब सीनेट इस पर विचार कर रही है।

वहीं, हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष फ्रेंच हिल ने कहा कि स्पष्ट नियम बनने से अमेरिका वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी लक्ष्य है और वे चाहते हैं कि सीनेट जल्द इस विधेयक को मंजूरी देकर राष्ट्रपति के पास भेजे।

सुनवाई में शामिल उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि वर्षों से स्पष्ट नियम न होने के कारण निवेश और नई तकनीक का विकास अमेरिका से बाहर चला गया।

डिजिटल एसेटफर्म बुलिश की अधिकारी रैंडी एबरनेथी ने बताया कि उनकी कंपनी को शुरुआत में जर्मनी, हांगकांग और जिब्राल्टर के नियमों के तहत काम करना पड़ा, क्योंकि अमेरिका में कोई स्पष्ट संघीय कानून नहीं था।

उन्होंने कहा कि कंपनियां छिपकर नहीं, बल्कि स्पष्ट नियमों के तहत काम करना चाहती हैं।

उनके मुताबिक, नए कानून से पंजीकृत एक्सचेंजों को ग्राहकों की संपत्ति की सुरक्षा, पर्याप्त पूंजी, बाजार की निगरानी और नियमित जांच जैसे नियमों का पालन करना होगा। इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

एबरनेथी ने कहा कि फेडरल रेगुलेशन रजिस्टर्ड एक्सचेंजों पर अलग-अलग कस्टमर एसेट्स, कैपिटल, मार्केट सर्विलांस और जांच से जुड़ी जरूरतें लागू करेगा।

उन्होंने कहा, "नियामकीय स्पष्टता उद्योग पर किया गया कोई एहसान नहीं है।

यह वह तरीका है, जिसके जरिए कांग्रेस इस गतिविधि को अमेरिकी नियामकों और अमेरिकी निवेशक सुरक्षा व्यवस्था के तहत देश के भीतर लाती है।"

वहीं, नोवा लैब्स की मुख्य कानूनी अधिकारी सारा एबर्ग ने कहा कि नियमों की अस्पष्टता की वजह से उनकी कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में एसईसी ने उनकी कंपनी पर मुकदमा किया था, लेकिन बाद में अदालत ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। इसके बावजूद कंपनी को वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और काफी खर्च करना पड़ा।

विजडम ट्री के मुख्य कानूनी अधिकारी रयान लूवार ने कहा कि टोकनाइजेशन (वित्तीय संपत्तियों को डिजिटल टोकन में बदलने की प्रक्रिया) से शेयर और अन्य वित्तीय उत्पादों के लेनदेन को तेज और आधुनिक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि वित्तीय व्यवस्था डिजिटल होगी या नहीं, बल्कि यह है कि इस बदलाव में अमेरिका दुनिया का नेतृत्व कर पाएगा या नहीं।

क्लैरिटी एक्ट तय करेगा कि कौन-सी डिजिटल एसेट एसईसी के दायरे में आएगी और किसे सीएफटीसी के तहत डिजिटल कमोडिटी माना जाएगा। इसके अलावा, यह कानून उन सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और सेवा प्रदाताओं को भी कानूनी सुरक्षा देगा, जो ग्राहकों की संपत्ति का नियंत्रण अपने पास नहीं रखते।

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