मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:35 · नई दिल्ली संस्करण

अमेरिका ने पेशावर कॉन्सुलेट बंद करने का लिया फैसला, सुरक्षा का दिया हवाला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अमेरिका ने पेशावर कॉन्सुलेट बंद करने का लिया फैसला, सुरक्षा का दिया हवाला

वाशिंगटन। अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से जुड़े सभी राजनयिक कामकाज इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए संभाले जाएंगे।

विदेश विभाग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह फैसला हमारे राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, इस बंदी की पूरी समयसीमा के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और न ही यह बताया गया है कि स्टाफ में कटौती की प्रक्रिया शुरू हुई है या नहीं।

पेशावर क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद, सीमा पार तनाव और आतंकवाद विरोधी अभियानों का केंद्र रहा है। ऐसे में इस कॉन्सुलेट का बंद होना एक अहम कूटनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा, "पेशावर स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट जनरल को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। खैबर पख्तूनख्वा से जुड़े राजनयिक दायित्व अब इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंपे जाएंगे।"

हालांकि, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम के बावजूद पाकिस्तान के साथ उसके संबंध और क्षेत्र में उसकी नीतियां प्रभावित नहीं होंगी। विभाग ने कहा, "पेशावर में हमारी भौतिक उपस्थिति भले ही बदल रही हो, लेकिन पाकिस्तान के प्रति हमारी नीतिगत प्राथमिकताएं मजबूत बनी रहेंगी।

अमेरिका ने भरोसा दिलाया कि वह खैबर पख्तूनख्वा के लोगों और अधिकारियों के साथ संवाद जारी रखेगा, ताकि आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और अमेरिकी हितों की रक्षा की जा सके।

विदेश विभाग ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में अमेरिकी मिशन इस्लामाबाद, कराची और लाहौर स्थित अपने अन्य राजनयिक ठिकानों के जरिए काम करता रहेगा और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें