मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:42 · नई दिल्ली संस्करण

मोदी-पेजेश्कियान मुलाकात से भड़का अमेरिका, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी ये चेतावनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मोदी-पेजेश्कियान मुलाकात से भड़का अमेरिका, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी ये चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात अमेरिका को रास नहीं आई है। इस बैठक के तुरंत बाद, अमेरिका ने उन सभी देशों को चेतावनी जारी की है जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं या उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने या कमाई के नए रास्ते बनाने में सहायता करता है, तो अमेरिका उस देश पर भी कड़े प्रतिबंध लगाएगा।

रुबियो ने इस दौरान यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई नया व्यापार समझौता हो रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी चिंता साफ कर दी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत एक संप्रभु देश है और उसे अपनी विदेश नीति तय करने तथा ईरान के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने का अधिकार है, लेकिन साथ ही आगाह किया कि ईरान को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। रुबियो ने कहा, भारत अपनी विदेश नीति खुद तय करता है। लेकिन हमारी चिंता यह है कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करे। कोई भी देश ईरान को ऐसे रास्ते बनाने में मदद नहीं करे, जिनसे वह पैसा कमा सके और इसका इस्तेमाल कर वह आतंकवाद को बढ़ावा दे और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करे।

उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, अगर कोई देश ऐसा करता है, तो हमें उस पर भी प्रतिबंध लगाने पड़ेंगे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इससे पहले भी अमेरिका यूक्रेन युद्ध में रूस की आर्थिक मदद का आरोप लगाकर भारत पर मोटा टैरिफ लगा चुका है। अब एक बार फिर, अमेरिका ने अपनी नीतियों के उल्लंघन को लेकर भारत को परोक्ष रूप से धमकाने की कोशिश की है। इससे पहले, एससीओ समिट से इतर बिश्केक में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत और ईरान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच समुद्री व्यापार, नाविकों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था, बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया। उन्होंने आगे कहा कि वे आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की, और भारत ने स्थायी शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें