मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

खंडवा जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, बैरक में अचेत अवस्था में मिला

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
खंडवा जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, बैरक में अचेत अवस्था में मिला

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में शहीद जननायक टंट्या भील जिला जेल में शनिवार सुबह एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितयाें में माैत हाे गई। मृतक को पुलिस ने शराब के एक पुराने मामले में कोर्ट वारंट के आधार पर महज दो दिन पहले (20 नवंबर) ही गिरफ्तार कर जिला जेल लाया गया था और बैरक नंबर 5 में रखा गया था। शनिवार सुबह वह अचेत अवस्था में मिला। जेल प्रबंधन के लाेग उसे लेकर तुरंतत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डाॅक्टर ने जांच उपरांत उसे मृत घाेषित कर दिया। शव को मेडिकल कॉलेज की मॉर्चुरी में रखा गया है। पुलिस की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेटे का शव नहीं दिखाया गया। मामला जिला जेल का होने के कारण थाना कोतवाली पुलिस जांच कर रही है।जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय जीतेंद्र उर्फ़ जीतू पुत्र रविशंकर निवासी छनेरा को शनिवार सुबह अचानक तबियत बिगड़ने पर करीब छह बजे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन, जेल अधिकारी और मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। मृतक कैदी हरसूद का रहने वाला था और शराब के मामले में अपराध दर्ज था। शराब का आदी और मिर्गी का मरीज होने की बात सामने आई है। हरसूद पुलिस के अनुसार, जितेंद्र पर 2022 में आबकारी एक्ट (शराब) के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण में कोर्ट से वारंट जारी हुआ था। पुलिस ने 20 नवंबर को उसे उसकी लिव-इन पार्टनर के घर से हिरासत में लिया था और जेल भेज दिया था। जेलर यशवंत मांझी ने कहा कि बंदी की तबीयत अचानक खराब हुई थी। जेल के डॉक्टर द्वारा जांच के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले में जांच जारी है, अभी कुछ कहना संभव नहीं है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस और जेल विभाग दोनों ही स्तरों पर जांच में जुटे हुए हैं। जेलर ने बताया कि जेल में दाखिल होते समय भी वह नशे में था, यह रजिस्टर में दर्ज है। बंदी की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा।परिजनाें ने लगाए आराेपउधर, मृतक के भाई सुधाकर सांगुले ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसने बताया, "आज शनिवार सुबह 9 बजे हरसूद पुलिस का एक जवान घर आया और उसने बताया कि भाई की मौत हो गई हैं। जबकि थोड़ी देर पहले फोन कर कहा था कि वह बीमार हैं।" मृतक की मां श्यामबाई का कहना है कि बेटे की गिरफ्तारी की सूचना पुलिस ने उन्हें नहीं दी। वह जिस महिला के साथ रिलेशनशिप में रहता था, उस महिला ने बताया कि जितेंद्र को पुलिस ले गई है। मां ने बताया, "जितेंद्र शराब पीने का आदी था। उसकी दोनों किडनियां खराब हो गई थी। उसकी प्रेमिका ने पुलिस से कहा कि उसे मत ले जाओ, लगे तो दो हजार रुपए ले लो। लेकिन पुलिस ने कोर्ट का मामला बताते हुए उसे नहीं छोड़ा और जेल भेज दिया।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें