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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:48 · नई दिल्ली संस्करण

मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान में घर-घर पहुंचकर की जा रही मलेरिया की जांच

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान में घर-घर पहुंचकर की जा रही मलेरिया की जांच

कोंडागांव। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन जांच अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी में यह अभियान चिन्हांकित ग्रामीण, दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर मलेरिया की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में जिले के धनोरा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम कानागांव में संचालित मलेरिया जांच अभियान का निरीक्षण करने आज शनिवार काे सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. चतुर्वेदी ने काना गांव, बिन्झे, अरंडी और धनोरा स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा यह विशेष अभियान वर्ष में दो बार चलाया जाता है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी और मितानिन दीदियां आरडी किट के माध्यम से परिवार के प्रत्येक सदस्य की जांच कर रही हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति जांच से वंचित न रह जाए। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ऐसे लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिनमें मलेरिया के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन जांच में वे पॉजिटिव पाए जाते हैं। इससे मलेरिया संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ने में मदद मिल रही है। चिन्हित मरीजों को मौके पर ही दवाइयां देकर पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। जागरूकता-बचाव पर भी जोर मितानिनों द्वारा ग्रामीणों को मच्छरदानी लगाकर सोने की समझाइश दी जा रही है और इसके उपयोग की निगरानी भी की जा रही है। गांवों में मुनादी और शाम के समय सिटी बजाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों, गड्डों में जमा पानी, नालियों और आसपास की गंदगी की सफाई एवं जल निकासी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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