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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:09 · नई दिल्ली संस्करण

उमरिया में धान खरीदी घोटाले का पर्दाफाश, खरीदी बंद होने के बाद भी अवैध खरीद, 80 बोरी धान जप्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
उमरिया में धान खरीदी घोटाले का पर्दाफाश, खरीदी बंद होने के बाद भी अवैध खरीद, 80 बोरी धान जप्त

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में सहकारिता विभाग से जुड़े घोटाले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला जिले की सहकारी समिति कोटरी से सामने आया है, जहां शासन द्वारा धान खरीदी बंद किए जाने के बाद भी अवैध रूप से धान की खरीदी की जा रही थी। सूचना मिलने पर प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने मौके पर दबिश देकर 80 बोरी अवैध धान जप्त किया, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है।बताया जा रहा है कि सहकारी समिति कोटरी के प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी पर लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर घोटाले किए जाने के आरोप लग रहे थे। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद आज तक सहकारिता विभाग द्वारा कोई जांच नहीं कराई गई थी, इसके बाद जब शिकायतों का अंबार लग गया तब जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जीएम संतोष यादव द्वारा इनके कृत्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें इंदवार, मानपुर और उमरिया शाखा के प्रबंधकों को शामिल किया गया। लेकिन अब तक प्रबंधक द्वारा जांच समिति को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे जांच लंबित बनी हुई और भ्रष्‍टाचार के आरोप लगते रहे ।धान खरीदी के दौरान किसानों से अवैध वसूली के भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। समर्थन मूल्य पर खरीदी के नाम पर किसानों से धान साफ करने के एवज में 20 रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली की गई। इसके अलावा बोरी भराई, तुलाई, सिलाई और स्टेंसिल लगवाने तक का पैसा किसानों से वसूला गया। नियमों के अनुसार 40 किलो 650 ग्राम की जगह प्रत्येक किसान से 41 किलो 500 ग्राम धान लिया गया, जिससे किसानों को सीधा नुकसान हुआ।आरोप है कि खरीदी के अंतिम दिन 20 जनवरी को फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए धान खरीदी दर्शाई गई। जब वास्तविक धान उपलब्ध नहीं हुआ तो व्यापारियों से धान खरीदकर उसकी भरपाई करने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में तीन पिकअप वाहनों से करीब 240 बोरी धान लाकर खरीदी केंद्र में रखा गया था। इसी दौरान प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी को सूचना मिली और मौके पर दबिश दी गई। पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 21 जी 2233 से 80 बोरी अवैध धान बरामद की गई है।इस कार्रवाई के संबंध में मंगलवार को प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह बघेल ने बताया कि अवैध धान जप्त कर प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है और जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्‍थानीय किसानों का कहना है कि यदि रजनीश दत्त तिवारी के प्रभार वाले सभी खरीदी केंद्रों की जांच की जाए तो लगभग 2900 बोरी यानी 1160 क्विंटल धान की कमी सामने आ सकती है, जिसकी कीमत समर्थन मूल्य के अनुसार करीब 27 लाख 48 हजार रुपए होती है।इसके अलावा किसानों से केवल धान साफ करने के नाम पर ही लगभग 21 लाख 56 हजार रुपए की अवैध वसूली की गई है। ऐसे में क्षेत्रवासियों की मांग है कि शासन और प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि गरीब किसानों को न्याय और राहत मिल सके।

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